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टीसीएस ग्रूमिंग केस में नया खुलासा: फरार एचआर निदा खान की गिरफ्त में डॉ. शाहीन से कनेक्शन, रेड फोर्ट ब्लास्ट का एंगल!

टीसीएस नासिक ग्रूमिंग ट्रैप केस में अब आतंकवाद का साया मंडराने लगा है। फरार एचआर मैनेजर निदा खान, जिसे ‘लेडी कैप्टन’ कहा जा रहा है, दिल्ली के रेड फोर्ट ब्लास्ट मामले की मुख्य आरोपी डॉ. शाहीन शाहिद से जुड़ी हुई है। जांच एजेंसियों को संकेत मिले हैं कि निदा खान जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े रेडिकल नेटवर्क के संपर्क में थी, जो कॉर्पोरेट दफ्तरों में ‘व्हाइट कॉलर’ आतंक-शोषण सिंडिकेट का संकेत देता है। निदा पिछले कई दिनों से गायब है और एनआईए को अब उसकी तलाश में सर्विलांस टूल्स का इस्तेमाल तेज करना होगा।
यह कनेक्शन जांच को नई ऊंचाई दे रहा है। निदा खान टीसीएस नासिक यूनिट की एचआर हेड थी, जो जबरन धर्मांतरण, ग्रूमिंग और मलेशिया प्लान वाली सेक्स ट्रैफिकिंग रैकेट की कथित सरगना थी। दिल्ली में डॉ. शाहीन से उसकी कई मुलाकातें हुईं, जो 2025 रेड फोर्ट ब्लास्ट की मास्टरमाइंड बनीं। शाहीन के भाई समेत उसके नेटवर्क ने लॉजिस्टिक्स और कम्युनिकेशन संभाला था। निदा ने हाल ही में नासिक से मुंबई ट्रांसफर लिया और शिकायत से पहले ही फरार हो गई। एसआईटी ने उसके फोन रिकॉर्ड्स और डिजिटल ट्रेल्स से बाहरी एजेंसियों का पता लगाया है, जो जकीर नायक के मलेशिया कनेक्शन तक जा सकता है।
निदा की फरारी ने पूरे मामले को और गहरा बना दिया है। नासिक पुलिस कमिश्नर संदीप करनिक के आदेश पर एसआईटी एसीपी संदीप मिटके के नेतृत्व में छापेमारी कर रही है। नौ एफआईआर दर्ज हैं, छह टीम लीडर्स और एचआर अधिकारी गिरफ्तार हो चुके हैं, लेकिन निदा गायब है। एनआईए को अब सीसीटीवी, कॉल रिकॉर्ड्स और लोकेशन ट्रैकिंग से उसे पकड़ना होगा, क्योंकि यह सिर्फ ग्रूमिंग नहीं, बल्कि हाइब्रिड टेरर मॉड्यूल लग रहा है। क्या टीसीएस जैसे कॉर्पोरेट हेडक्वार्टर आतंकी घुसपैठ का शिकार हो गए हैं?
यह केस भारत की आंतरिक सुरक्षा पर बड़ा खतरा दर्शाता है। कॉर्पोरेट कल्चर में छिपे रैकेट्स को उजागर करना जरूरी है। एनआईए और स्थानीय पुलिस को अंतरराष्ट्रीय सहयोग से निदा को जल्द पकड़ना चाहिए, वरना नेटवर्क फैल सकता है। पीड़िताओं को न्याय मिलना चाहिए, और दोषियों को कड़ी सजा।

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