राष्ट्र केंद्रित उच्च शिक्षा एवं सशक्त कार्यकर्ता निर्माण पर हुआ व्यापक मंथन
विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान (VBUSS), जोधपुर प्रांत द्वारा 25 जुलाई 2026 को आयोजित कार्यकर्ता प्रशिक्षण वर्ग प्रेरणादायी एवं राष्ट्रभाव से ओतप्रोत वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। प्रशिक्षण वर्ग का मूल उद्देश्य कार्यकर्ताओं में संगठन के प्रति निष्ठा, राष्ट्र केंद्रित शिक्षा की समझ, उच्च शिक्षा की समकालीन चुनौतियों का बोध तथा विकसित भारत–2047 के निर्माण में शिक्षकों एवं शिक्षाविदों की भूमिका को स्पष्ट करना था। पूरे प्रशिक्षण वर्ग में कार्यकर्ता निर्माण को राष्ट्र निर्माण की आधारशिला मानते हुए विभिन्न विषयों पर गहन चिंतन एवं सार्थक संवाद हुआ।

प्रशिक्षण वर्ग के उद्घाटन सत्र में कार्यक्रम की रूपरेखा डॉ. ओ. पी. बिश्नोई (प्रांत अध्यक्ष, VBUSS, जोधपुर) ने प्रस्तुत की। क्षेत्रीय संगठन मंत्री श्री गोविंद जी भाईसाहब ने मुख्य वक्ता के रूप में संगठन की आवश्यकता, कार्यकर्ता निर्माण तथा राष्ट्रहित में शिक्षा की भूमिका पर प्रेरक मार्गदर्शन प्रदान किया। मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. पवन कुमार शर्मा, कुलगुरु, जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर ने विकसित भारत के निर्माण में उच्च शिक्षा की भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए। अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रो. संजय शर्मा, क्षेत्र संयोजक, VBUSS ने कार्यकर्ता निर्माण एवं राष्ट्र केंद्रित शिक्षा के महत्व को रेखांकित किया।

द्वितीय सत्र में प्रतिभागियों को विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान (VBUSS) के परिचय, उद्देश्य, संगठनात्मक संरचना, कार्यदृष्टि, कार्यपद्धति तथा NSIL-2026 Jaipur Declaration के प्रमुख संकल्पों से परिचित कराया गया। मुख्य वक्ता प्रो. संजय शर्मा ने संगठन विस्तार एवं भावी कार्ययोजना पर विस्तार से प्रकाश डाला। मुख्य अतिथि प्रो. कैलाश डागा, कुलगुरु, मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय, उदयपुर ने संस्थागत सहभागिता एवं उच्च शिक्षा में संगठन की भूमिका पर अपने विचार रखे। अध्यक्षीय उद्बोधन प्रो. विकल गुप्ता, विभागाध्यक्ष, रसायन विज्ञान, जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय द्वारा दिया गया। इस सत्र में राजस्थान क्षेत्र की भावी कार्ययोजना पर विशेष चर्चा हुई।

तृतीय सत्र का विषय “उच्च एवं तकनीकी शिक्षा में भारतीय ज्ञान परंपरा का समावेशन” रहा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 के परिप्रेक्ष्य में भारतीय ज्ञान परंपरा (IKS), भारतबोध तथा मूल्यपरक शिक्षा पर विस्तृत विमर्श हुआ। मुख्य वक्ता डॉ. अर्जुन सिंह (लक्की प्रोफेशनल इंस्टिट्यूट, जोधपुर) ने भारतीय ज्ञान परंपरा के समावेशन की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। मुख्य अतिथि प्रो. बी. एस. जैतावत, कुलगुरु, कृषि विश्वविद्यालय, जोधपुर तथा विशिष्ट अतिथि डॉ. अनुराग सिंह, वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ, डॉ. एस. एन. मेडिकल कॉलेज ने भारतीय चिंतन, आत्मनिर्भर भारत तथा शिक्षा के सांस्कृतिक आयामों पर अपने विचार साझा किए। अध्यक्षीय उद्बोधन प्रो. सुनील कुमार परिहार, प्रांत अध्यक्ष, विद्या भारती, जोधपुर द्वारा दिया गया।

चतुर्थ सत्र में “भविष्य की उच्च शिक्षा : भारतीय दृष्टि, शिक्षा का भारतीयकरण एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI)” विषय पर विचार-विमर्श हुआ। मुख्य वक्ता डॉ. सुनील जांगीड़, क्षेत्र सहसंयोजक, VBUSS ने भारतीय दृष्टिकोण से शिक्षा के भारतीयकरण तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उत्तरदायी उपयोग पर सारगर्भित प्रस्तुति दी। मुख्य अतिथि श्री देवेंद्र बिश्नोई (IPS), डीआईजी एवं प्रो वाइस चांसलर, सरदार पटेल यूनिवर्सिटी ऑफ पुलिस ने आधुनिक तकनीक और मानवीय मूल्यों के संतुलन पर बल दिया। अध्यक्षीय उद्बोधन डॉ. बी. एस. जोधा, प्राचार्य एवं नियंत्रक, डॉ. एस. एन. मेडिकल कॉलेज ने दिया। इस सत्र का प्रमुख संदेश रहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा से समृद्ध उच्च शिक्षा ही विकसित भारत की सुदृढ़ आधारशिला बन सकती है तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग मानवीय संवेदनाओं एवं नैतिक मूल्यों के अनुरूप होना चाहिए।

समापन सत्र में प्रतिभागियों के साथ खुला संवाद, जिज्ञासा समाधान तथा आगामी कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की गई। प्रो. संजय शर्मा, क्षेत्र संयोजक, VBUSS ने प्रशिक्षण के निष्कर्षों को व्यवहार में उतारने तथा संगठन को अधिक प्रभावी बनाने का आह्वान किया। सत्र का संचालन डॉ. सुनील जांगीड़, क्षेत्र सहसंयोजक, VBUSS ने किया। डॉ. ओ. पी. बिश्नोई, प्रांत अध्यक्ष, VBUSS, जोधपुर ने प्रशिक्षण वर्ग के उद्देश्यों की पुनः पुष्टि करते हुए सभी कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान, धन्यवाद ज्ञापन एवं सामूहिक छायाचित्र के साथ हुआ।

यह प्रशिक्षण वर्ग केवल एक औपचारिक आयोजन न होकर राजस्थान क्षेत्र में विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान के सशक्त, समर्पित एवं राष्ट्रनिष्ठ कार्यकर्ताओं के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायी पहल सिद्ध हुआ। प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागियों ने राष्ट्रकेंद्रित शिक्षा, भारतीय ज्ञान परंपरा, संगठनात्मक कार्यपद्धति तथा विकसित भारत–2047 के संकल्प को साकार करने हेतु सक्रिय भूमिका निभाने का सामूहिक संकल्प व्यक्त किया।