विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान (VBUSS) के तत्वावधान में 9 अगस्त 2026 को विवेकानन्द ग्लोबल यूनिवर्सिटी, जयपुर में एक दिवसीय कार्यकर्ता प्रशिक्षण वर्ग का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य उच्च शिक्षा के आदर्श स्वरूप, कार्यदिशा एवं गतिविधियों का निर्धारण करते हुए गुणवत्तापूर्ण एवं भारतीय दृष्टि आधारित शिक्षा की संकल्पना को साकार करने की दिशा में कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करना था। प्रशिक्षण वर्ग में विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में कार्यरत प्राध्यापकों एवं शिक्षाविदों ने सहभागिता की।

कार्यक्रम में विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान के राष्ट्रीय संगठन मंत्री के.एन.रघुनंदन ने संस्था की दूरदृष्टि, कार्यनीति एवं क्रियान्वयन योजना पर प्रकाश डालते हुए भारतीय मूल्यों पर आधारित शिक्षा तथा सृष्टि-केंद्रित चिंतन को अपनाने का आह्वान किया।
राजभवन के उच्च शिक्षा सलाहकार श्री कैलाश सोडाणी जी ने उच्च शिक्षा को उद्योग एवं कौशल विकास से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया। जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर के कुलगुरु प्रो. पवन कुमार शर्मा ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन को समय की आवश्यकता बताया। विवेकानन्द ग्लोबल यूनिवर्सिटी के कुलगुरु प्रो. एन. डी. माथुर ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप शिक्षण संस्थानों में प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस की नियुक्ति को उपयोगी बताया। इसी क्रम में Er.ओंकार बागड़िया ने भी उच्च शिक्षा के विभिन्न आयामों पर अपने विचार व्यक्त किए।

जम्मू एवं कश्मीर से आए डॉ. जे. एन. बालियान ने अनुभवजन्य शिक्षा पद्धति एवं उसके प्रभावी क्रियान्वयन पर प्रकाश डाला। विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान के राष्ट्रीय मंत्री डॉ. राजेश व्यास ने संस्था के संकल्प-बिंदुओं, जयपुर घोषणा तथा आगामी कार्ययोजना की जानकारी दी।
कार्यक्रम के एक महत्वपूर्ण सत्र में विद्या भारती के अखिल भारतीय मंत्री श्री शिव प्रसाद जी ने शिक्षक की भूमिका को व्यापक सामाजिक दायित्व से जोड़ते हुए स्व का बोध, कुटुंब प्रबोधन, सामाजिक समरसता, नागरिक कर्तव्य एवं पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल विषय का अध्यापक नहीं, बल्कि विद्यार्थी के जीवन निर्माण एवं समाज के संस्कार निर्माण का महत्वपूर्ण माध्यम है।

विद्या भारती के क्षेत्रीय संगठन मंत्री श्री गोविंद कुमार जी ने कार्यकर्ता जीवन में अनुशासन, समयपालन, प्रेमयुक्त नेतृत्व एवं सहृदयता जैसे मानवीय मूल्यों को आवश्यक बताते हुए संगठनात्मक कार्य में इन गुणों के महत्व को रेखांकित किया।

डॉ. विमल अग्रवाल ने विद्यार्थियों के जीवन निर्माण में शिक्षक की महत्वपूर्ण भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए। विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान के क्षेत्र संयोजक डॉ. संजय शर्मा ने प्रशिक्षण वर्ग की रूपरेखा, उद्देश्य एवं कार्यपद्धति पर प्रकाश डालते हुए आगामी कार्यों की दिशा स्पष्ट की।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान, जयपुर प्रांत के अध्यक्ष डॉ. धनंजय द्विवेदी ने सभी अतिथियों, शिक्षाविदों, प्राध्यापकों एवं कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।
एक दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग ने उच्च शिक्षा में भारतीय दृष्टि, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, कौशल एवं अनुभवजन्य शिक्षा, शिक्षक के सामाजिक दायित्व तथा संगठनात्मक कार्यपद्धति को एक साथ जोड़ते हुए कार्यकर्ताओं को आगामी कार्ययोजना के लिए नई दिशा प्रदान की।

कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण को लेकर वृक्षारोपण भी किया गया, और शिक्षा क्षेत्र के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी प्रतिबद्धता जताई गई|