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ऑपरेशन सिंदूर: भारत की आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई

भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी अटल नीति को और मजबूत करते हुए आज तड़के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों पर सटीक सैन्य कार्रवाई की। यह ऑपरेशन 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जवाब है, जिसमें 25 भारतीयों और एक नेपाली नागरिक की जान गई थी। रक्षा मंत्रालय ने इसे आतंकवाद के खिलाफ भारत के संकल्प का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह कार्रवाई “संयमित, मापी गई और गैर-उत्तेजक” थी।

ऑपरेशन का स्वरूप और उद्देश्य

ऑपरेशन सिंदूर भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना की संयुक्त कार्रवाई थी, जिसमें पाकिस्तान के मुजफ्फराबाद, कोटली, बहावलपुर और मुरिदके जैसे क्षेत्रों में नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। ये ठिकाने जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे आतंकी संगठनों के प्रशिक्षण शिविर और हथियार भंडार थे। भारतीय वायुसेना ने अपनी सीमा से ही अत्याधुनिक मिसाइलों और ड्रोन के जरिए सटीक हमले किए, जो सुबह 1:44 बजे शुरू हुए और कुछ ही घंटों में पूरे हुए। रक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि किसी भी पाकिस्तानी सैन्य सुविधा को निशाना नहीं बनाया गया, जिससे भारत की जिम्मेदार और संयमित नीति का परिचय मिलता है। 

सूत्रों के अनुसार, इस कार्रवाई में 90 से अधिक आतंकवादी मारे गए, जिनमें कई बड़े आतंकी कमांडर शामिल थे। रक्षा मंत्रालय ने कहा, “यह ऑपरेशन उन शहीदों को श्रद्धांजलि है, जिन्होंने पहलगाम हमले में अपनी जान गंवाई। हमने वादा किया था कि आतंकवाद के गुनहगारों को जवाबदेह बनाएंगे, और ऑपरेशन सिंदूर उस वादे का प्रतीक है।”

पहलगाम हमले की पृष्ठभूमि

पिछले महीने पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया था। इस हमले में लेफ्टिनेंट विनय नरवाल सहित कई निर्दोष नागरिकों की जान चली गई थी। लेफ्टिनेंट नरवाल की पत्नी हिमांशी नरवाल की तस्वीर, जिसमें वह अपने पति की वर्दी को गले लगाए रो रही थीं, ने सोशल मीडिया पर लाखों लोगों का दिल तोड़ दिया। इस हमले की जिम्मेदारी जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी, जिसके बाद भारत ने निर्णायक कार्रवाई का संकल्प लिया।

पाकिस्तान का दोगलापन और प्रतिक्रिया 


पाकिस्तान ने इस कार्रवाई को “आक्रामक युद्ध की कार्रवाई” करार देते हुए तीखा विरोध जताया। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने दावा किया कि उनका देश इसका “माकूल जवाब” देगा। पाकिस्तानी सेना ने बेबुनियाद दावे किए कि उसने पांच भारतीय लड़ाकू विमानों को मार गिराया और कुछ सैनिकों को बंदी बनाया। भारत ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि ऑपरेशन पूरी तरह भारतीय सीमा से संचालित था। पाकिस्तान ने अपने हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया, जिससे लाहौर और इस्लामाबाद हवाई अड्डों पर उड़ानें 48 घंटे के लिए रद्द कर दी गईं। पाकिस्तानी सेना ने यह भी दावा किया कि हमलों में आठ नागरिक मारे गए, लेकिन इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। 

भारत में एकजुटता, विश्व में संदेश


ऑपरेशन सिंदूर को भारत में व्यापक समर्थन मिला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रातभर ऑपरेशन की निगरानी की, जबकि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सेना के तीनों अंगों के प्रमुखों के साथ समन्वय बनाए रखा। विपक्षी नेता राहुल गांधी और अन्य दलों ने भी सशस्त्र बलों के प्रति एकजुटता जताई। जम्मू-कश्मीर में स्थानीय लोगों ने सड़कों पर उतरकर “भारतीय सेना जिंदाबाद” और “भारत माता की जय” के नारे लगाए। 

अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इस कार्रवाई पर अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस जैसे देशों ने भारत के आतंकवाद विरोधी प्रयासों की सराहना की, जबकि संयुक्त राष्ट्र ने दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की। अमेरिकी विदेश विभाग ने भारत और पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों से तनाव कम करने के लिए संवाद बनाए रखने को कहा।

भारत की अडिग नीति 


रक्षा मंत्रालय ने आज सुबह 10 बजे ऑपरेशन सिंदूर पर विस्तृत प्रेस वार्ता की घोषणा की है। भारत ने अपनी पश्चिमी सीमा पर बीएसएफ, एस-400 वायु रक्षा प्रणाली और अन्य सैन्य इकाइयों को हाई अलर्ट पर रखा है। विश्लेषकों का मानना है कि यह कार्रवाई भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव को बढ़ा सकती है, लेकिन यह भारत की उस नीति को रेखांकित करती है कि वह आतंकवाद को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा। 

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