हमारा कार्य हिन्दू समाज को संगठित करते हुए अपने राष्ट्र को परम वैभव पर पहुचाना – सरसंघचालक मोहन जी भागवत
चरित्र के बिना देश का विकास असंभव है: परम पूजनीय सरसंघचालक मोहन जी भागवत नैतिक व चरित्र विकास से राष्ट्र का विकास : आचार्य श्री महाश्रमण