यदि व्यक्ति के मन में मातृभूमि को माँ समझने की भावना है तो सबकी उन्नति में अपनी उन्नति की भावना रहेगी – परमपूज्य सरसंघचालक मोहन मधुकरराव भागवत जी
हमारे देश की संस्कृति हैं, दोनो हाथों से कमाओं और हजारों हाथों से बांटो -सरसंघचालक परमपूज्यनीय मोहन भागवत जी