श्रीगंगानगर: पाकिस्तान से सैटेलाइट ड्रोन के जरिए हथियार और ड्रग्स की तस्करी का बड़ा रैकेट श्रीगंगानगर पुलिस ने भेद दिया है। पंजाब के दो तस्कर राजस्थान में ड्रोन से गिराई गई खेप लेने आए थे, जिन्हें पुलिस ने फिल्मी अंदाज में पकड़ लिया। इस खेप में विदेशी पिस्टल के साथ हेरोइन और पहली बार अफीम भी शामिल थी। बरामद सामान की कीमत करीब 10 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
मुख्य आरोपी
- कुलविंदर सिंह (27 वर्ष), पुत्र करनैल सिंह, महात्मा नगर, फाजिल्का (पंजाब)
- रोबिन सिंह (23 वर्ष), महात्मा नगर, फाजिल्का (पंजाब)
दोनों 8वीं पास हैं और पहले भी आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं।

कैसे हुआ खुलासा?
4 मई की सुबह समेजा कोठी थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि पाकिस्तान से ड्रग्स और हथियारों की खेप पंजाब ले जाई जा रही है। पुलिस ने सलेमपुरा गांव के पास बाजूवाला रोड पर नाकाबंदी कर दी।
तस्कर KIA सोनेट कार में 120 किमी की रफ्तार से आए। नाकाबंदी पर रुकने की बजाय उन्होंने पुलिस की ASI बोलेरो को टक्कर मार दी और भाग निकले।
SHO कृष्ण कुमार ने तुरंत 10 किलोमीटर आगे 75 एनपी मोड़ पर स्थानीय लोगों की मदद से ट्रैक्टर-ट्रॉली आड़ा करके सड़क पूरी तरह ब्लॉक कर दी। दोपहर करीब 2 बजे तस्करों की कार ट्रॉली से टकरा गई। दोनों आरोपी कार से उतरकर खेतों में भागे, लेकिन पुलिस और ग्रामीणों ने उन्हें पकड़ लिया।

हाईटेक तस्करी का तरीका
- पाकिस्तान में बैठा हैंडलर अहमद सैटेलाइट ड्रोन के जरिए खेप गिराता था।
- एंटी-ड्रोन सिस्टम से बचने के लिए सैटेलाइट ड्रोन का इस्तेमाल किया जाता था।
- पैकेट पर सिल्वर चिप और चमकदार कोटिंग लगाई जाती थी, ताकि अंधेरे में भी आसानी से मिल सके।
- अहमद रिसीवर को सैटेलाइट लोकेशन भेजता था।
- 1 मई की रात यह खेप राजस्थान में गिराई गई थी।
बरामदगी
- चाइना मेड और पाकिस्तान मेड हाईटेक पिस्टल
- भारी मात्रा में हेरोइन
- अफीम (पहली बार इस रूट से पकड़ी गई)
- कुल कीमत ≈ 10 करोड़ रुपये
जांच में खुलासा
मुख्य आरोपी कुलविंदर सिंह पहले पंजाब में जेल जा चुका था। जेल में उसका पाकिस्तानी हैंडलर अहमद से संपर्क हुआ। बाहर आने के बाद उसने अपने दोस्त रोबिन को भी इस नेटवर्क में शामिल कर लिया।
पुलिस ने दोनों के खिलाफ NDPS एक्ट और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। आगे की जांच जारी है।