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अमेरिकी-इजरायली हवाई हमलों में ईरान के IRGC खुफिया प्रमुख माजिद खादेमी की मौत: मिडिल ईस्ट युद्ध में ईरान को करारा झटका

मिडिल ईस्ट में चल रहे तनावपूर्ण संघर्ष के बीच ईरान को बड़ा नुकसान हो गया। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के खुफिया संगठन के प्रमुख मेजर जनरल माजिद खादेमी की अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हवाई हमलों में मौत हो गई। ईरानी मीडिया ने इसे ‘आपराधिक आतंकवादी हमला’ करार देते हुए शहीद घोषित किया, जो क्षेत्रीय युद्ध को नई ऊंचाई दे सकता है।
IRGC ने अपने आधिकारिक टेलीग्राम चैनल पर पोस्ट जारी कर खादेमी की मौत की पुष्टि की। हमले सोमवार सुबह तेहरान के आसपास के आवासीय इलाकों में किए गए, जिसमें 25 से अधिक लोग मारे गए। खादेमी ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के करीबी थे और खुफिया अभियानों के मास्टरमाइंड माने जाते थे। 2022 में पूर्व प्रमुख मोहम्मद काजमी की इजरायली हत्या के बाद उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी।


खादेमी की भूमिका और IRGC का महत्व
माजिद खादेमी IRGC के इंटेलिजेंस विंग के प्रमुख के रूप में ईरान की आंतरिक-बाहरी जासूसी, साइबर ऑपरेशन और विद्रोही समूहों को समर्थन देने में केंद्रीय थे। उन्होंने रक्षा मंत्रालय में खुफिया सुरक्षा संगठन का भी नेतृत्व किया और इजरायल, अमेरिका के खिलाफ कई गुप्त अभियान चलाए। IRGC ईरान की सैन्य शाखा से अलग एक शक्तिशाली समानांतर सेना है, जो आर्थिक और राजनीतिक प्रभाव भी रखती है। खादेमी के नेतृत्व में खुफिया तंत्र को मजबूत किया गया था, खासकर इजरायल के लगातार हमलों के बाद।
हमले में तेहरान के संवेदनशील इलाकों को निशाना बनाया गया, जहां IRGC के वरिष्ठ अधिकारी रहते हैं। AFP के अनुसार, अमेरिकी-इजरायली गठबंधन ने ‘सटीक हमलों’ का दावा किया, जो ईरान के परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय प्रॉक्सी युद्धों (हिजबुल्लाह, हूती) के जवाब में थे। ईरान ने इसे ‘राज्य प्रायोजित हत्या’ बताया और कड़ी प्रतिक्रिया का संकेत दिया।


युद्ध का व्यापक संदर्भ और प्रभाव
यह घटना इजरायल-ईरान संघर्ष की कड़ी है, जो इजरायल के हमास-हिजबुल्लाह अभियानों से भड़का। खादेमी की मौत से IRGC का खुफिया तंत्र कमजोर हुआ, जो ईरान के मिसाइल कार्यक्रम और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर नियंत्रण के लिए महत्वपूर्ण है। वैश्विक तेल बाजार में उथल-पुथल मच गई, क्योंकि होर्मुज से 20% कच्चा तेल गुजरता है। भारत जैसे आयातक देशों पर दबाव बढ़ा, जहां तेल कीमतें 110 डॉलर प्रति बैरल पार कर चुकी हैं।
ईरान ने जवाबी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी, जिसमें साइबर हमले और प्रॉक्सी मोबलाइजेशन शामिल हो सकते हैं। अमेरिका ने हमलों को ‘आत्मरक्षा’ बताया, जबकि रूस-चीन ने निंदा की। खामेनेई भूमिगत बंकर में हैं, और ईरान में शोक की छुट्टी घोषित हुई। यह हत्या मिडिल ईस्ट को पूर्ण युद्ध की ओर धकेल सकती है।

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