गुजरात के सूरत शहर में एक जिम ट्रेनर द्वारा विवाहित महिला के साथ 7 वर्षों तक चले कथित शोषण और ब्लैकमेल का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोपी शब्बीर अजगर उर्फ शब्बीर अजगर (उम्र 32 वर्ष, निवासी उधना क्षेत्र) को सूरत पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना न केवल महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े करती है, बल्कि जिम जैसी सार्वजनिक जगहों पर लापरवाही के खतरों को भी उजागर करती है।
मामले की शुरुआत तब हुई जब पीड़िता की पति को पत्नी के जिम ट्रेनर के साथ अनुचित संबंधों की जानकारी मिली। गुस्से में पति शब्बीर से बात करने जिम पहुंचा, लेकिन वहां आरोपी ने उल्टा धमकी दे डाली। पुलिस जांच के अनुसार, शब्बीर ने पीड़िता के आपत्तिजनक फोटो और वीडियो पति को दिखाए तथा कहा, “मुझे 5 लाख रुपये दो, वरना ये सब वायरल कर दूंगा।” इतना ही नहीं, उसने पति की गर्दन पर कांच का टुकड़ा रखकर डराया और मौके पर ही 50 हजार रुपये नकद वसूल लिए।
पीड़िता ने बताया कि शब्बीर ने पिछले 7 वर्षों से उसे ब्लैकमेल कर शोषण किया। वह जिम में ट्रेनर के रूप में काम करता था और इसी आड़ में पीड़िता को फंसाया। पति की शिकायत पर उधना महिला थाने ने तत्काल कार्रवाई की। FIR में IPC की धारा 376(2)(n) (विवाहित महिला से बलात्कार), 506(2) (आपराधिक धमकी), 386 (लूट), 387 (डकैती की धमकी), 323 (चोट पहुंचाना), 504 (उकसावा) और POCSO एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपी के मोबाइल से आपत्तिजनक सामग्री बरामद की है।
सूरत पुलिस के डीसीपी ने बताया कि आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। जांच में यह भी सामने आया कि शब्बीर पहले भी इसी तरह की धमकियों का इस्तेमाल करता रहा। यह मामला सोशल मीडिया पर “लव जिहाद” के रूप में वायरल हो गया, हालांकि पुलिस ने इसे मुख्य रूप से ब्लैकमेल और यौन शोषण का केस बताया है। गुजरात में हाल के वर्षों में ऐसे अपराधों पर सख्ती बढ़ी है, जिसमें साइबर ब्लैकमेल के मामले प्रमुख हैं।
यह घटना समाज को चेतावनी देती है कि फिटनेस केंद्रों में भी सतर्कता जरूरी है। महिलाओं को सलाह दी जाती है कि निजी फोटो या वीडियो किसी के साथ शेयर न करें। आपात स्थिति में 112 या महिला हेल्पलाइन 181 पर संपर्क करें। साइबर क्राइम की रिपोर्ट के लिए cybercrime.gov.in का उपयोग करें। जिम प्रबंधनों को भी सदस्यों की सुरक्षा के लिए CCTV और सत्यापन प्रक्रिया मजबूत करनी चाहिए।
सुरत पुलिस ने अपील की है कि पीड़ित महिलाएं डरें नहीं, आगे आएं। यह गिरफ्तारी अपराधियों के लिए करारा जवाब है।