प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नामीबिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ द मोस्ट एन्शिएंट वेल्वित्शिया मिराबिलिस’ से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें 9 जुलाई 2025 को विंडहोक में आयोजित विशेष समारोह में प्रदान किया गया। इस सम्मान के साथ ही पीएम मोदी के अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों की कुल संख्या 27 हो गई है, जो किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री के लिए एक रिकॉर्ड है।
पीएम मोदी ने इस अवसर को भारत और नामीबिया के बीच गहरे संबंधों का प्रतीक बताया और दोनों देशों के बीच सहयोग को नई ऊंचाई देने का संकल्प जताया। उन्होंने ‘प्रोजेक्ट चीता’ में नामीबिया के सहयोग का विशेष उल्लेख किया, जिससे भारत-अफ्रीका साझेदारी को और मजबूती मिली है।

एक और ऐतिहासिक उपलब्धि के तौर पर, प्रधानमंत्री मोदी ने अब तक 17 बार विदेशी संसदों को संबोधित किया है। हाल ही में अपनी पांच देशों की यात्रा के दौरान उन्होंने घाना, त्रिनिदाद और टोबैगो तथा नामीबिया की संसदों में भाषण दिए। यह आंकड़ा सभी पूर्व कांग्रेसी प्रधानमंत्रियों के कुल विदेश संबोधनों के बराबर है, जिन्हें यह उपलब्धि सात दशकों में मिली थी। मोदी ने यह रिकॉर्ड महज एक दशक में हासिल किया, जिससे भारत की वैश्विक कूटनीति और नेतृत्व क्षमता का नया स्तर स्थापित हुआ है।
पीएम मोदी के ये सम्मान और संसद भाषण भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा, नेतृत्व और कूटनीतिक प्रभाव का प्रमाण हैं। यह उपलब्धि न केवल भारत के लिए गर्व का विषय है, बल्कि यह दर्शाती है कि भारत अब विश्व मंच पर एक निर्णायक और सम्मानित शक्ति के रूप में स्थापित हो चुका है।
With his recent addresses in the Parliaments of Ghana, Trinidad & Tobago, and Namibia, PM Modi has now delivered 17 speeches to foreign Parliaments—matching the combined total of all Congress Prime Ministers over several decades.
— BJP (@BJP4India) July 9, 2025
He has achieved in just over a decade what took… pic.twitter.com/3Lpv2BFaIz