महाराष्ट्र के नासिक शहर में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के एक कार्यालय से महिला कर्मचारियों के यौन शोषण, मानसिक उत्पीड़न और जबरन धार्मिक रूपांतरण के गंभीर आरोप सामने आने के बाद तनावपूर्ण माहौल बन गया है। आठ युवा महिला कर्मचारियों समेत नौ पीड़ितों ने कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों पर पिछले दो-तीन वर्षों से यह सब जारी रखने का आरोप लगाया है, जिसके चलते पुलिस ने छह से सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। विशेष जांच टीम (SIT) का गठन कर मामले की गहन जांच शुरू हो गई है, जबकि कंपनी के बाहर भारी प्रदर्शन और सुरक्षा बलों की तैनाती ने स्थिति को और गरमा दिया है।
यह विवाद तब भड़का जब पीड़ित महिलाओं ने बताया कि टीम लीडर और इंजीनियर स्तर के कर्मचारी उन्हें शारीरिक रूप से छेड़छाड़ करते थे, आपत्तिजनक टिप्पणियां की जाती थीं तथा मानसिक दबाव बनाकर धार्मिक गतिविधियों में भाग लेने को मजबूर किया जाता था। एक पुरुष कर्मचारी ने भी ब्रेनवॉश का आरोप लगाते हुए कहा कि उसे गोमांस खाने, नमाज पढ़ने और अपनी धार्मिक प्रथाओं को छोड़ने के लिए दबाव डाला गया। मुंबई नाका और देवलाली पुलिस स्टेशनों में कुल नौ FIR दर्ज हुई हैं, जिनमें रेप, छेड़छाड़, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने जैसे धाराएं शामिल हैं। आरोपी मुख्य रूप से आसिफ अंसारी, शफी शेख, शाहरुख कुरैशी, रजा मेमन और तौसीफ अत्तर जैसे नामों वाले टीम लीडर बताए जा रहे हैं, जिनमें से एक पर रेप का विशेष आरोप है।
पीड़ित महिलाएं ज्यादातर 18 से 25 वर्ष की आयु वर्ग की हैं और आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखती हैं, जो नौकरी की मजबूरी में चुप रहीं। उन्होंने कंपनी के HR विभाग में शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई न होने पर पुलिस के पास पहुंचीं, जिसके बाद HR अधिकारी समेत सातवें आरोपी को भी गिरफ्तार किया गया। सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर इसे ‘कॉर्पोरेट जिहाद’ करार दिया जा रहा है, क्योंकि पीड़ितों के परिजनों ने महिलाओं के पहनावे में बदलाव और रमजान के दौरान रोजा रखने जैसे संकेतों पर शिकायत दर्ज कराई। TCS कार्यालय के बाहर सैकड़ों लोग प्रदर्शन कर रहे हैं, जिसके जवाब में भारी पुलिस बल तैनात है और आरोपी आज कोर्ट में पेश हो रहे हैं।
यह मामला न केवल TCS की कॉर्पोरेट छवि पर सवाल खड़े कर रहा है, बल्कि महाराष्ट्र में धार्मिक रूपांतरण और कार्यस्थल उत्पीड़न के मुद्दों को नई बहस दिला रहा है। पुलिस का मानना है कि घटनाएं 2022 से चल रही थीं, और SIT को HR की लापरवाही तथा कंपनी की POSH नीति (Prevention of Sexual Harassment) के उल्लंघन की जांच सौंपी गई है। राज्य सरकार ने इसे गंभीरता से लेते हुए कड़े कदम उठाने का आश्वासन दिया है, जबकि विपक्षी दल राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट से और खुलासे हो सकते हैं, जो कॉर्पोरेट जगत में सुरक्षा मानकों पर बहस छेड़ देगी।
नासिक TCS कार्यालय में यौन शोषण और जबरन धर्मांतरण के आरोप: तनाव चरम पर, SIT जांच तेज
-
Mayank Kansara
- 11 April 2026
- 9:05 am