समालखा – राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा इस वर्ष हरियाणा के समालखा में 13 से 15 मार्च 2026 तक चल रही है। इस वर्ष प्रतिनिधि सभा संघ के शताब्दी वर्ष के कारण विशेष मानी जा रही है, जिसमें बड़े बदलाव होने की संभावनाओं के साथ ही शताब्दी वर्ष में आयोजित पंच परिवर्तन पर आधारित विभिन्न कार्यक्रमों की चर्चा केंद्र में है।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपने स्थापना के 100 वर्ष (1925-2025) पूर्ण कर रहा है। इस ऐतिहासिक मील के पत्थर को चिह्नित करने के लिए संघ ने पूरे देश में व्यापक संगठनात्मक कार्यक्रमों और समाज संपर्क अभियानों की योजना बनाई है। ‘सरकार्यवाह प्रतिवेदन 2025-26’ के आंकड़े बताते हैं कि यह केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि समाज के हर कोने तक पहुँचने का एक विराट प्रयास है।
संघ शताब्दी वर्ष में आयोजित विशेष कार्यक्रम

गृह संपर्क अभियान: 10 करोड़ परिवारों तक दस्तक
शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित ‘गृह संपर्क अभियान’ संघ के इतिहास के सबसे बड़े जन-संपर्क कार्यक्रमों में से एक बनकर उभरा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, देश के 46 प्रांतों में से 37 प्रांतों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, अब तक 10,02,12,162 (10 करोड़ से अधिक) घरों तक सीधा संपर्क किया जा चुका है।
व्यापकता: इस अभियान के तहत 3,89,465 गाँवों और 31,143 बस्तियों को कवर किया गया है।
साहित्य वितरण: अभियान के दौरान 9 करोड़ से अधिक (9,11,88,203) पत्रक वितरित किए गए और लगभग 84 लाख पुस्तकों की बिक्री हुई।
हिंदू सम्मेलन: सामाजिक एकजुटता का प्रकटीकरण
समाज को जागृत और संगठित करने के लिए मंडल और बस्ती स्तर पर ‘हिंदू सम्मेलनों’ का आयोजन किया गया है। इन सम्मेलनों में जनभागीदारी के आंकड़े चौंकाने वाले हैं:
कुल उपस्थिति: अब तक इन सम्मेलनों में 3,49,35,211 (लगभग 3.5 करोड़) लोग शामिल हुए हैं। विशेष बात यह है कि इसमें महिलाओं की बड़ी संख्या रही, जो कुल 1,55,95,124 थी। पुरुष उपस्थिति 1,93,40,087 दर्ज की गई।
सम्मेलनों की संख्या: कुल 23,143 मंडल सम्मेलन और 13,905 बस्ती सम्मेलन संपन्न हुए हैं।

शताब्दी वर्ष के प्रतीक और विशेष आयोजन
संघ की 100 वर्षों की यात्रा को सम्मानित करने के लिए भारत सरकार द्वारा 100 रुपये का विशेष स्मारक सिक्का और डाक टिकट जारी किया गया है। डाक टिकट पर 1963 की गणतंत्र दिवस परेड में संघ की भागीदारी और स्वयंसेवकों की सेवा गतिविधियों को दर्शाया गया है।


प्रमुख कार्यक्रम और प्रवास
अयोध्या: 25 नवंबर 2025 को श्रीराम मंदिर, अयोध्या में ध्वजारोहण समारोह का आयोजन किया गया।

प्रवास: परम पूजनीय सरसंघचालक डॉ. मोहन जी भागवत और माननीय सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी ने देश के विभिन्न हिस्सों जैसे कोलकाता, मुंबई, मणिपुर, जोधपुर और भटिंडा का प्रवास कर समाज के विभिन्न वर्गों (युवा, मातृशक्ति, प्रबुद्ध जन) को संबोधित किया।

संगठनात्मक सुदृढ़ीकरण और भविष्य का लक्ष्य
शताब्दी वर्ष के इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य संघ कार्य को केवल शाखा तक सीमित न रखकर उसे ‘स्व’ आधारित समाज परिवर्तन का माध्यम बनाना है। ‘Philosophy and Action of RSS for the Hind Swaraj’ जैसी पुस्तकों का विमोचन इस वैचारिक दिशा को पुष्ट करता है।

संघ का शताब्दी वर्ष केवल पीछे मुड़कर देखने का समय नहीं है, बल्कि आने वाले समय के लिए एक नए भारत के निर्माण का संकल्प है। 10 करोड़ परिवारों तक पहुँचना और करोड़ों लोगों को सम्मेलनों के माध्यम से जोड़ना यह दर्शाता है कि संघ की जड़ें समाज में कितनी गहरी हैं।