22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया। इस कार्रवाई में भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पीओके में घुसकर कई आतंकी ठिकानों को तबाह किया। इस घटनाक्रम के बाद जर्मनी ने भारत का खुलकर समर्थन किया है।
जर्मनी के विदेश मंत्री जोहान वेडफुल ने साफ शब्दों में कहा कि भारत को आतंकवाद के खिलाफ आत्मरक्षा का पूरा अधिकार है। उन्होंने पहलगाम हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि जर्मनी आतंकवाद के खिलाफ भारत के हर कदम के साथ है। उनका कहना था, “आतंकवाद को दुनिया में कहीं भी जगह नहीं मिलनी चाहिए और हम उन सभी का समर्थन करेंगे जो आतंकवाद से लड़ते हैं।”
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी जर्मनी के इस रुख की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करेगा और पाकिस्तान के साथ पूरी तरह द्विपक्षीय तरीके से ही निपटेगा। जयशंकर ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत किसी भी तरह के ‘परमाणु ब्लैकमेल’ के आगे नहीं झुकेगा और सीमा पार से होने वाले किसी भी आतंकी हमले को युद्ध की कार्रवाई मानेगा।
जर्मनी के इस समर्थन से भारत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर मजबूती मिली है। यह संदेश साफ है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत अकेला नहीं है, और जर्मनी जैसे बड़े देश उसके साथ खड़े हैं।