आबू पर्वत, 10 सितम्बर 2025। विद्या भारती, जो विश्व की सबसे बड़ी शैक्षिक संस्था मानी जाती है, देशभर में औपचारिक और अनौपचारिक शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक कार्य कर रही है। 24 हजार से अधिक विद्यालयों और 11 हजार अनौपचारिक केंद्रों के माध्यम से यह संस्था 35 लाख से अधिक विद्यार्थियों को संस्कारयुक्त एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर रही है। संस्था के पास 1 लाख 52 हजार से अधिक शिक्षक हैं, जो मातृभाषा आधारित शिक्षा, भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक तकनीकी नवाचारों को मिलाकर शिक्षा की नई दिशा प्रस्तुत कर रहे हैं।

शैक्षिक उत्कृष्टता का प्रमाण है कि राज्य शिक्षा बोर्डों और सीबीएसई के परिणामों में विद्या भारती के छात्र लगातार पहले दस स्थानों में रहे हैं। सत्र 2024-25 में पंजाब, ओडिशा और उत्तराखंड जैसे राज्यों में पहले तीन स्थान विद्या भारती के विद्यार्थियों ने प्राप्त किए।
संस्था केवल शैक्षणिक क्षेत्र तक ही सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिकता, राष्ट्रीयता, मानवीय सेवा, विज्ञान, साहित्य, पर्यावरण और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी विद्यार्थियों को अग्रणी बना रही है। 507 से अधिक विद्यालयों में नैतिकता और चरित्र निर्माण के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, कोडिंग और डिजिटल क्लासरूम का समावेश किया गया है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन में भी विद्या भारती महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। योग, शारीरिक शिक्षा, संगीत, संस्कृत और मातृभाषा-आधारित शिक्षा के माध्यम से बच्चों को जड़ों से जोड़ते हुए वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार किया जा रहा है।
खेलों में भी संस्था का योगदान उल्लेखनीय है। स्कुल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया से मान्यता प्राप्त 33 विधाओं में विद्यार्थी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भाग लेकर देश को खिलाड़ी उपलब्ध करा रहे हैं।
पूर्व छात्रों का मजबूत नेटवर्क भी विद्या भारती की दीर्घकालिक शैक्षिक दृष्टि का प्रमाण है। इसके 10 लाख 30 हजार से अधिक पूर्व छात्र पोर्टल पर पंजीकृत हैं, जो समाज एवं राष्ट्रीय जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व कर रहे हैं और 87 देशों में अपना योगदान दे रहे हैं।
संस्था का कार्यक्षेत्र कठिन और दुर्गम क्षेत्रों तक फैला है। लद्दाख, हिमाचल और नागालैंड में आईटीआई, स्किल हब और जनशिक्षण संस्थानों के माध्यम से ग्रामीण और जनजातीय युवाओं को रोजगारपरक शिक्षा दी जा रही है। वहीं 14 से अधिक सैनिक विद्यालयों का संचालन और ‘सर्मथ भारत अनुसंधान केंद्र’ जैसे शोध संस्थान पाठ्यक्रम विकास एवं अनुसंधान पर कार्य कर रहे हैं।

इसी क्रम में आदर्श विद्या मंदिर शंकर विद्या पीठ, आबू पर्वत में 11 से 14 सितम्बर 2025 तक विद्या भारती की अखिल भारतीय बैठक आयोजित होगी। इसमें शिक्षा क्षेत्र की महत्वपूर्ण चुनौतियों और अवसरों पर विचार-विमर्श होगा। बैठक में जिला केंद्रों का सशक्तिकरण, अंग्रेजी शिक्षा की गुणवत्ता, महिलाओं की भूमिका, राज्यों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति का क्रियान्वयन, भारतीय विमर्श तथा वैश्विक परिप्रेक्ष्य में भारतीय शिक्षा का योगदान जैसे विषयों पर निर्णय लिये जाएंगे।