- बांग्लादेश में मुहम्मद यूनुस और सेना प्रमुख जनरल वाकर उज् ज़मान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। सेना प्रमुख ने सख्त चेतावनी दी है कि दिसंबर 2025 तक राष्ट्रीय चुनाव कराए जाएं और सभी प्रमुख राष्ट्रीय सुरक्षा फैसलों में सेना की भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
- अगस्त 2024 में शेख हसीना की सत्ता से विदाई के बाद अंतरिम प्रमुख बने यूनुस पर आरोप है कि वे चुनाव में देरी कर रहे हैं, अवामी लीग पर प्रतिबंध लगा रहे हैं और तानाशाही व इस्लामी नीतियां अपना रहे हैं।
- खबरों के मुताबिक, यूनुस ने हाल ही में इस्तीफे की धमकी दी है और राजनीतिक नेताओं व यहां तक कि “कूप नेताओं” से कहा है कि यदि पार्टियां सहमति नहीं बना पातीं तो वे पद छोड़ देंगे।
- सेना, जो यूनुस के सेना और राष्ट्रपति शाहाबुद्दीन को दरकिनार करने के प्रयासों से चिंतित है, आपात बैठकें कर रही है और “संवैधानिक व्यवस्था बनाए रखने” के लिए हस्तक्षेप करने पर विचार कर रही है। सेना प्रमुख ज़मान को हटाकर एक पाकिस्तान समर्थक प्रतिद्वंद्वी को लाने की चर्चा भी है, जिससे सत्ता संघर्ष और जटिल हो गया है।
- ढाका में सैन्य गश्त बढ़ गई है, सामाजिक अशांति और अफवाहों का बाजार गर्म है, जिससे तख्तापलट की आशंका और तेज हो गई है।
- यूनुस सरकार गिरने के कगार पर है और सेना हस्तक्षेप के लिए तैयार है। अगर यूनुस जल्दी चुनाव और सेना की बड़ी भूमिका की मांगें नहीं मानते, तो तख्तापलट कभी भी हो सकता है|
बांग्लादेश में संकट: यूनुस बड़ी मुसीबत में? क्या सेना तख्तापलट करने वाली है?
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Mayank Kansara
- 23 May 2025
- 9:24 am