हिमाचल प्रदेश सरकार ने एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए शिपकी ला दर्रा को पहली बार स्वतंत्रता के बाद से घरेलू पर्यटकों के लिए खोल दिया है। यह दर्रा 12,000 फीट से अधिक की ऊंचाई पर स्थित है और भारत-चीन सीमा के सबसे संवेदनशील क्षेत्रों में से एक है। शिपकी ला हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में स्थित है और यहां से चीन की तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र की सीमा शुरू होती है।
शिपकी ला दर्रा का सैन्य और सामरिक महत्व बहुत अधिक है। यहां से भारत और चीन के बीच व्यापारिक गतिविधियां भी होती हैं, लेकिन अब तक यह क्षेत्र आम पर्यटकों के लिए पूरी तरह से बंद था। हिमाचल प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार के साझा फैसले के बाद, अब घरेलू पर्यटक इस दर्रे की अनूठी प्राकृतिक सुंदरता और सीमा की अनुभूति का आनंद ले सकेंगे।
इस निर्णय से हिमाचल प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र को नया जीवन मिलेगा। किन्नौर जिले के स्थानीय लोगों और व्यापारियों को भी इसका सीधा लाभ होगा, क्योंकि पर्यटकों की संख्या बढ़ने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। साथ ही, इस कदम से सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों और सुरक्षा बलों के बीच संबंध भी मजबूत होंगे।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि पर्यटकों की सुरक्षा और सीमा की सुरक्षा दोनों का समुचित ध्यान रखा जाएगा। पर्यटकों को यहां जाने के लिए विशेष अनुमति लेनी होगी और उन्हें स्थानीय नियमों का पालन करना होगा। सुरक्षा बलों की ओर से पर्यटकों के लिए सुविधाएं और मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जाएगा।
इस निर्णय से भारत में सीमा पर्यटन (बॉर्डर टूरिज्म) को भी नई गति मिली है। देश के अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों में भी इस तरह के प्रयासों की संभावना बढ़ी है। शिपकी ला दर्रा की खुली पहुंच से भारतीय नागरिकों को अपने देश की सीमाओं की महत्ता और सुरक्षा बलों के योगदान को समझने का अवसर मिलेगा।
इस प्रकार, हिमाचल प्रदेश सरकार का यह निर्णय न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगा, बल्कि सीमा क्षेत्र के विकास, सुरक्षा और राष्ट्रीय एकता को भी मजबूती प्रदान करेगा। शिपकी ला दर्रा की यात्रा पर्यटकों के लिए एक यादगार और प्रेरणादायी अनुभव साबित होगी।