क्या है ‘Bhargavastra’?
Bhargavastra भारत का पहला स्वदेशी माइक्रो-मिसाइल आधारित सिस्टम है, जिसे खासतौर पर ड्रोन स्वार्म (सैकड़ों ड्रोन के झुंड) को मार गिराने के लिए बनाया गया है।
इसे Economic Explosives Ltd (Solar Group) ने विकसित किया है और हाल ही में इसकी सफल टेस्टिंग ओडिशा के गोपलपुर में हुई है।
यह सिस्टम छोटे से लेकर बड़े ड्रोन को 6-10 किमी दूर से पहचान सकता है और 2.5 किमी तक सटीकता से मार सकता है।
इसमें दो लेयर हैं: पहली में 20 मीटर घातक क्षेत्र वाले माइक्रो रॉकेट्स (स्वार्म के लिए), दूसरी में गाइडेड माइक्रो-मिसाइल्स (सटीक टारगेटिंग के लिए)।
एक साथ 64 माइक्रो-मिसाइल दाग सकता है, जिससे बड़े ड्रोन झुंड को भी सेकंडों में खत्म किया जा सकता है।
इसमें एडवांस्ड रडार, EO/IR सेंसर, और कमांड-एंड-कंट्रोल सिस्टम है, जो इसे नेटवर्क-सेंट्रिक वारफेयर के लिए तैयार बनाता है।
यह सिस्टम मोबाइल प्लेटफॉर्म पर लगाया जा सकता है और रेगिस्तान से लेकर 5,000 मीटर ऊंचे पहाड़ों तक हर जगह काम करता है।
ओपन सोर्स जानकारी के अनुसार, चीन समेत दुनिया के किसी भी देश के पास फिलहाल ऐसा मल्टी-लेयर, माइक्रो-मिसाइल बेस्ड, स्वार्म-न्युट्रलाइजेशन सिस्टम तैनात नहीं है।
यह तकनीक इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग से बचने वाले ऑटोनॉमस ड्रोन स्वार्म के लिए भी असरदार है, जो आधुनिक युद्ध में सबसे बड़ी चुनौती बन चुके हैं।
Bhargavastra भारतीय सेना के लिए गेम-चेंजर है, खासकर पाकिस्तान, तुर्की और चीन जैसे देशों से आने वाले ड्रोन स्वार्म खतरों के खिलाफ।
यह पूरी तरह स्वदेशी, कम लागत और अत्याधुनिक है, जिससे भारत अब ड्रोन युद्ध में वैश्विक स्तर पर अग्रणी बन गया है।
Bhargavastra जैसी माइक्रो-मिसाइल टेक्नोलॉजी फिलहाल चीन या किसी अन्य देश के पास नहीं है, और यह भारत की वायु रक्षा क्षमता को नई ऊंचाई पर ले जाती है।