भारतीय वायुसेना के लिए 114 राफेल सौदे में F4 और F5 संस्करणों का महत्व
भारतीय वायुसेना (IAF) ने 114 राफेल जेट खरीदने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इसमें प्रारंभ में 3-4 स्क्वाड्रन F4 संस्करण के राफेल शामिल करने की योजना है, जबकि अंतिम बैच में F5 संस्करण के स्क्वाड्रनों को शामिल किया जाएगा। यह कदम वायुसेना की शक्तिशाली व आधुनिक फेयरफेयर को बनाए रखने की दिशा में है।
F4 संस्करण की विशेषताएँ
F4 संस्करण राफेल जेट मुख्य रूप से उन्नत तकनीकों से लैस हैं और ये विभिन्न मिसाइलों और सशस्त्र ड्रोन के साथ कार्य करने में सक्षम हैं। F4 संस्करण में कई विशेषताएँ शामिल हैं:
- ड्रोन एकीकरण: F4 में ड्रोन के साथ मल्टी-यूजर मिशन टैक्टिक्स (MUM-T) का समर्थन है, जिससे इस विमान की सामरिक क्षमताएँ बढ़ जाती हैं।
- मिसाइल प्रणाली: F4 में MICA NG, AASM, और Meteor जैसे उच्च तकनीकी रॉकेट्स शामिल हैं, जो इसे वायु-से-वायु लड़ाई में काफी सक्षम बनाते हैं।
- आरबीई2 रडार: F4 में उन्नत आरबीई2 रडार तकनीक है, जो ज्यादा दूरी पर लक्ष्यों का पता लगाने की क्षमता रखती है।
F5 संस्करण का उन्नयन
F5 संस्करण के राफेल जेट में कई महत्वपूर्ण उन्नयन किए गए हैं, जो इसे मुकाबलों में और भी सक्षम बनाते हैं। इनमें शामिल हैं:
- हाइपरसोनिक ASN4G मिसाइल: 2032 के बाद, F5 संस्करण में हाइपरसोनिक ASN4G परमाणु मिसाइल शामिल की जाएगी, जो इसकी मिसाइल क्षमताओं को मजबूत करेगी।
- सुपरसोनिक मिसाइलें: SEAD/DEAD अभियानों के लिए स्टील्थ FC/ASW सुपरसोनिक मिसाइलें F5 में शामिल हैं, जो इसे बहुत अधिक सटीकता से लक्ष्य भेदन की क्षमता देती हैं।
- एम88 टी-रेक्स इंजन: F5 में एम88 टी-रेक्स इंजन है, जो 20% अधिक थ्रस्ट (लगभग 9 टन) उत्पन्न कर सकता है। यह इंजन भारी हथियारों को ले जाने की क्षमता को बढ़ाता है।
- उन्नत रडार एवं जैमर: F5 में आरबीई2 एक्सजी रडार और उन्नत स्पेक्ट्रा जैमर हैं, जो इसे उच्च-रिज़ॉल्यूशन ग्राउंड डिटेक्शन के लिए तैयार करते हैं, जिससे वायुसेना को अपने संचालन में बढ़त मिलेगी।
IAF की योजना
IAF ने राफेल खरीद के सौदे के तहत F4 संस्करण के साथ शुरुआत करने का निर्णय लिया है। इससे वायुसेना की सक्षमता में तात्कालिक वृद्धि होगी। इसके साथ ही, जब शेष 3 स्क्वाड्रन F5 संस्करण में स्थानांतरित किए जाएंगे, तो इसका सामरिक महत्व और भी बढ़ जाएगा।
भारतीय वायुसेना का यह कदम आने वाले समय में उसकी सामरिक प्रभावशीलता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। F4 और F5 संस्करणों के साथ, IAF वैश्विक स्तर पर एक मजबूत वायु सेना के रूप में उभरेगी। यह न केवल भारत की सुरक्षा को सुदृढ़ करने में मदद करेगा, बल्कि तकनीकी क्षेत्र में भी भारत को उन्नत देशों की पंक्ति में ला खड़ा करेगा। भारतीय वायुसेना की यह उपलब्धि उसके भविष्य की संभावनाओं का संकेत है, जो युवाओं, टेक्नोलॉजी प्रेमियों और छात्रों के लिए प्रेरणादायक हो सकती है।