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दुश्मनों ने देखा जब सिंदूर बारूद बन जाता है तो नतीजा क्या होता है, पाकिस्तान से सिर्फ पीओजेके पर ही बात होगी: पीएम मोदी

बीकानेर, राजस्थान: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को बीकानेर से पड़ोसी देश पाकिस्तान को कड़ा संदेश देते हुए स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि अब उसका आतंकवाद का खेल खत्म है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान सीधे युद्ध में भारत की ताकत के सामने टिक नहीं सकता, इसलिए उसने आतंकवाद को हथियार बनाया। लेकिन अब भारत आतंकियों और उन्हें पनाह देने वाली सरकार को एक ही नजर से देखेगा। पीएम मोदी ने दो टूक कहा, “हर आतंकी हमले की कीमत पाकिस्तान की सेना और अर्थव्यवस्था को चुकानी पड़ेगी। अब न ‘स्टेट’ और न ‘नॉन-स्टेट’ एक्टर का बहाना चलेगा।”

उन्होंने कहा कि पड़ोसी देश से बातचीत और व्यापार बंद रहेगा और सिर्फ पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओजेके) ही एकमात्र मुद्दा होगा जिसपर कोई संवाद होगा।

प्रधानमंत्री ने राष्ट्र के “रौद्र रूप” को उजागर करते हुए कहा कि भारत की सेनाओं के शौर्य और पराक्रम ने पाकिस्तान को घुटने टेकने पर मजबूर किया है। “जब सिंदूर बारूद बन जाता है, तो दुश्मन मिट्टी में मिल जाता है,” उनके शब्दों ने राष्ट्रवादी जोश को और प्रज्वलित कर दिया। उन्होंने कहा, “मोदी का दिमाग ठंडा है, लेकिन लहू गर्म है। मेरी नसों में लहू नहीं, बल्कि गरम सिंदूर बहता है।” जनता के “मोदी-मोदी” के नारों के बीच उन्होंने आतंकियों को ललकारते हुए कहा, “जो भारत के खून से खेलेगा, वो मिट्टी में मिलेगा। पहले घर में घुसकर मारा, अब सीने पर वार किया है।”

पाकिस्तान को आगाह करते हुए पीएम ने कहा कि भारत का पानी उसे नहीं मिलेगा और आतंक के खेल की कीमत उसे पाई-पाई के लिए मोहताज बनाकर चुकानी पड़ेगी। उन्होंने भारत की नई तीन सूत्री नीति का जिक्र किया: आतंकी हमले का करारा जवाब, समय और तरीका सेना तय करेगी, और शर्तें भारत की होंगी। परमाणु धमकियों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि भारत अब सिर्फ प्रतिशोध नहीं, बल्कि न्याय करेगा। 23 अप्रैल के आतंकी हमले के महज 22 मिनट में 9 आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद करना इस नीति का जीता-जागता सबूत है।

इसके साथ ही, पीएम मोदी ने बीकानेर के देशनोक रेलवे स्टेशन से 18 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में 1100 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्विकसित 103 “अमृत स्टेशनों” का उद्घाटन किया। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की उपस्थिति में यह आयोजन भारत के विकास और शक्ति के प्रतीक के रूप में उभरा।

प्रधानमंत्री का यह संदेश राष्ट्रवादी भावना को और मजबूत करता है, जो भारत की एकता, संप्रभुता और आतंक के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को दर्शाता है।

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