श्री डूंगरगढ़ | राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष में रविवार को आदर्श विद्या मंदिर के सभागार में प्रमुख जन गोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता क्षेत्र धर्म जागरण संयोजक ललित कुमार ने राष्ट्र निर्माण व सामाजिक समरसता में संघ की महत्वपूर्ण भूमिका बताते हुए कहा कि भारत को मजबूत, एकजुट और भेदभाव मुक्त बनाने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है।
ललित कुमार ने संघ की 100 सालों की यात्रा और भविष्य की दिशा के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि संघ के प्रति सर्वप्रथम उदासीनता रही, फिर विरोध हुआ, फिर मान्यता मिली और अब उम्मीद से लोग संघ की ओर देख रहें है। मुख्य वक्ता ने कहा कि संघ के स्वयंसेवक व्यवस्था परिवर्तन में जुटे है। विविध संगठनों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि संघ 6 गतिविधियां गौसेवा, ग्राम विकास, कुटुंब प्रबोधन, सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, धर्म जागरण के माध्यम से समाज निर्माण के जुटा है। सातवीं गतिविधि पंच परिवर्तन शुरू की गई है।

उन्होंने पंच परिवर्तन की विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि पंच परिवर्तन में पांच आयाम शामिल किए गए हैं
(1) स्व का बोध अर्थात स्वदेशी
(2) नागरिक कर्तव्य
(3) पर्यावरण
(4) सामाजिक समरसता
(5) कुटुम्ब प्रबोधन।
संघ का मानना है कि इन पंच परिवर्तन में स्व के बोध से नागरिक अपने कर्तव्यों के प्रति सजग होंगे, ऊंच नीच का भेद समाप्त होगा, पर्यावरण का संरक्षण होगा व एकल परिवार के चलन पर रोक लगा कर भारत की प्राचीन परिवार परंपरा को बढ़ावा देना, बच्चों में संस्कार देने के लिए भी आवश्यक है।
मुख्य वक्ता ने संगठित होने पर बल देने की बात कही जिससे पूरा समाज संगठित होकर भारत को विश्व गुरू के पद पर पहुंचा सकें। गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए खंड संघ चालक आशाराम पारीक ने सभी का आभार जताया।
गोष्ठी में एडवोकेट श्यामसुंदर आर्य, हेमनाथ जाखड़, महेंद्र माली, जगदीश स्वामी, गजानंद सेवग, कमल सोमाणी, पवन सारस्वत, रमेश शर्मा, रजनीश कौशिक, एडवोकेट ललित मारू, एडवोकेट सोहननाथ सिद्ध, रामलाल नायक, पूनमचंद मारू, राधेश्याम दर्जी, सत्यनारायण भारद्वाज रिड़ी, सत्यनारायण स्वामी, सुभाष स्वामी, मनीष शर्मा, मनोज दुबे, विक्रम मालू, राजीव श्रीवास्तव, डाक्टर ओमप्रकाश स्वामी सहित महिला मंडल, शहर व ग्रामीण क्षेत्रों के अनेक मौजिज लोग, विभिन्न संगठनों व व्यापार मंडी के लोग शामिल हुए। कार्यक्रम में संघ के कार्यकर्ता व पदाधिकारियों ने भागीदारी निभाई।