नई दिल्ली।
राष्ट्र जीवन के उत्थान हेतु सतत सक्रिय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सौवें वर्ष में प्रवेश के अवसर पर प्रारंभ हो रही संवाद व्याख्यानमाला का शुभारंभ आज से राजधानी दिल्ली के विज्ञान भवन में हो रहा है। यह त्रिदिवसीय आयोजन (26, 27 एवं 28 अगस्त) संघ की आगामी शताब्दी वर्ष की कार्ययोजना और चिंतन को देश-विदेश के समक्ष रखने का माध्यम बनेगा।इस अवसर पर परम पूजनीय सरसंघचालक डॉ. मोहनराव भागवत जी तीन दिनों तक राष्ट्र की विविध प्रतिष्ठित विभूतियों को संबोधित करेंगे। वे न केवल संगठन की जीवन दृष्टि और विचार दिशा का विवेचन करेंगे, बल्कि शताब्दी वर्ष हेतु निर्धारित कार्य-एजेंडा पर भी मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।

इस संवाद व्याख्यानमाला में संघ द्वारा अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, जापान, नेपाल, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, दक्षिण अफ्रीका सहित 50 से अधिक देशों के राजदूतों को आमंत्रित किया गया है। इनमें से कई राष्ट्रों के राजनयिक आगामी तीन दिनों तक चलने वाले विविध सत्रों में सहभागी होंगे।यह आयोजन संघ के सांस्कृतिक और सामाजिक पक्ष को वैश्विक समाज के सामने प्रस्तुत करने का एक अनूठा अवसर है। राजनीति, शिक्षा, समाजजीवन, मीडिया तथा उद्योग सहित 17 से अधिक क्षेत्रों के कार्यकर्ताओं एवं विशेषज्ञों को इसमें सहभागी बनाया गया है।

इस प्रमुख कार्यक्रम में लगभग 2000 से अधिक लोगों के उपस्थित होने की संभावना है।संघ ने इस व्याख्यानमाला में अन्य दलों के वरिष्ठ नेताओं, सहयोगी संगठनों के पदाधिकारियों और प्रबुद्ध जनों को भी आमंत्रित किया है। इसमें केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर, वरिष्ठ सांसद संजय झा, केंद्रीय मंत्री राममोहन नायडू तथा अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे।इस प्रकार यह संवाद व्याख्यानमाला न केवल संघ के 100 वर्ष के विराट जीवनवृत्त का उद्घोष करेगी, बल्कि आने वाले शताब्दी वर्ष के भव्य और व्यापक कार्यक्रमों का आधार भी बनेगी।