भारत सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ अपने ‘जीरो टॉलरेंस’ (शून्य सहिष्णुता) के मजबूत संदेश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने के लिए एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल (All Party Delegation) को कई प्रमुख देशों और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के सदस्य देशों में भेजने का फैसला किया है।
मुख्य बिंदु
उद्देश्य:
इन प्रतिनिधिमंडलों का उद्देश्य विभिन्न देशों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं को भारत की आतंकवाद के प्रति सख्त नीति और राष्ट्रीय एकता के संदेश से अवगत कराना है, खासकर पाकिस्तान से प्रायोजित सीमा पार आतंकवाद के संदर्भ में।
प्रतिनिधिमंडल के नेता:
हर समूह का नेतृत्व एक वरिष्ठ सांसद करेंगे, जिनमें शामिल हैं:
शशि थरूर (कांग्रेस)
रविशंकर प्रसाद (भाजपा)
संजय कुमार झा (जेडीयू)
बैजयंत पांडा (भाजपा)
कनिमोझी करुणानिधि (डीएमके)
सुप्रिया सुले (एनसीपी)
श्रीकांत एकनाथ शिंदे (शिवसेना)
गंतव्य:
ये प्रतिनिधिमंडल अमेरिका, ब्रिटेन, यूएई, फ्रांस, रूस, जापान, दक्षिण अफ्रीका सहित कई प्रमुख देशों और UNSC सदस्य देशों का दौरा करेंगे।
समय:
ये दौरे 22 मई के बाद शुरू होंगे और लगभग 10 दिनों तक चलेंगे।
महत्व:
पहली बार भारत आतंकवाद और कश्मीर मुद्दे पर अपना रुख प्रस्तुत करने के लिए ऐसा सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल भेज रहा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने भारत की एकजुटता और मजबूत इरादे का संदेश जाएगा।
यह पहल भारत की आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाने और अपने आत्मरक्षा के अधिकार को वैश्विक मंच पर मजबूती से रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे भारत की छवि एकजुट और निर्णायक राष्ट्र के रूप में उभरेगी।