संघ शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में देशभर में आयोजित हो रहे विराट हिंदू सम्मेलनों की श्रृंखला में रविवार को घेवड़ा में ‘विराट हिंदू सम्मेलन’ का आयोजन संपन्न हुआ।
हिंदू सम्मेलन में मुख्य वक्ता के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह-सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल जी उपस्थित रहे। ब्रह्मधाम आसोतरा से पूज्य संत वेदांताचार्य श्री ध्यानराम जी महाराज, तेखला धाम से संत भुवनेश्वर मुनि और संत अनूपदास जी सहित क्षेत्र के कई संतों ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
मुख्य वक्ता डॉ. कृष्ण गोपाल जी ने कहा कि संघ की 100 वर्षों की साधना से हिंदू जागरण, हिंदू गौरव और राम मंदिर का सपना साकार हुआ है। उन्होंने कहा कि अब हिंदू समाज जाग गया है; हिंदू अब किसी कमजोर जाति का नहीं, बल्कि एक सक्षम समाज का नाम है।

उन्होंने आह्वान किया कि हिंदू समाज को अब अपनी छोटी-छोटी कमियों को दूर करना है। जातिगत भेदभाव और अस्पृश्यता को समाप्त कर, सभी हिंदुओं को सम्मान सहित मंदिरों में प्रवेश मिले। सभी हिंदू परिवारों का साप्ताहिक एकत्रीकरण हो, तथा हिंदू समाज नशे से मुक्त और संस्कारों से युक्त बने। कुआं, मंदिर और श्मशान सभी हिंदुओं के लिए एक हों।
उन्होंने आगे कहा कि राजस्थान में अच्छी बरसात हो रही है, अतः जल संरक्षण से अपना गांव हरा-भरा हो, गौ संवर्धन हो और जहर मुक्त खेती हो। हमें संयुक्त परिवार की परंपरा कायम रखते हुए पूरी दुनिया को दिशा प्रदान करनी है। परमात्मा ने प्रकृति को बचाने और हिंदुओं के संगठन के पवित्र कार्य के लिए हमें चुना है, यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है।

पूज्य संत ध्यानराम जी महाराज ने अपने संबोधन में सामाजिक समरसता एवं संगठन पर बल दिया। उन्होंने जातिवाद को त्यागने का आह्वान किया एवं एकजुट होकर समाज को दिशा देने की बात कही। संतों ने हिंदुओं को अपनी धार्मिक परंपराओं का स्मरण रखते हुए संगठित रहने का संदेश दिया। अंत में भारत माता की आरती के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में संघ के प्रांत प्रचारक विजयानंद, विभाग प्रचारक मंगलाराम, जिला प्रचारक हेमराज, खंड कार्यवाह मूलाराम, मंडल कार्यवाह विशनाराम, लालदास वैष्णव, मानसिंह घेवड़ा, त्रिभुवन सिंह, राजेंद्र कूकना, भूराराम, सुखदेव सिंह, भूरसिंह, गोपालसिंह, बिहारीलाल, मोहनसिंह, कानसिंह, खुशालराम, गुलाराम और गंगासिंह सहित सैकड़ों की संख्या में हिंदू समाज के लोग उपस्थित रहे।