असम सरकार ने हाल ही में छह प्रमुख समुदायों – ताई अहोम, चुटिया, मोरान, मटक, कोच-राजबोंगशी और टी ट्राइब्स (आदिवासी) – को अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह फैसला मंत्रियों के समूह (GoM) की रिपोर्ट पर आधारित है, जिसे विधानसभा में पेश किया गया और केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। इन समुदायों ने लंबे समय से अपनी ऐतिहासिक जड़ों, सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक-आर्थिक पिछड़ेपन के आधार पर ST दर्जे की मांग की थी।
विरोध प्रदर्शनों की लहर
मुख्य रूप से बोडो, राभा और गारो जैसे मौजूदा ST समुदायों ने कोकराझार, सोनापुर और अन्य जगहों पर बड़े प्रदर्शन किए। प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि इन छह समुदायों की बड़ी आबादी (लगभग 27% राज्य की जनसंख्या) से मौजूदा ST आरक्षण, शिक्षा और नौकरी के अवसरों पर बुरा असर पड़ेगा। ऑल बोडो स्टूडेंट्स यूनियन (ABSU) और कोऑर्डिनेशन कमिटी ऑफ ट्राइबल ऑर्गनाइजेशंस ऑफ असम (CCTOA) जैसे संगठनों ने मशाल जुलूस निकाले और सरकार के फैसले को वापस लेने की मांग की।
कोकराझार में छह जातीय समूहों को जनजाति का दर्जा देने के प्रस्ताव के खिलाफ प्रदर्शन शनिवार को उग्र हो गया. प्रदर्शन में हजारों आदिवासी छात्र शामिल हुए और देबरगांव से जेडी रोड होते हुए बोडोलैंड क्षेत्रीय परिषद (BTC) के सचिवालय तक मार्च निकाला. बाद में प्रदर्शनकारी मेन गेट पार करके BTC सचिवालय तक पहुंच गए.
इस दौरान पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारी उग्र हो गए और BTC सचिवालय का प्रवेश द्वार तोड़ दिया और परिसर में घुस गए. प्रदर्शनकारियों ने BTC असेंबली हाउस के फर्नीचर में भी तोड़-फोड़ की. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने स्थानीय नेताओं के खिलाफ नारेबाजी की और मुर्दाबाद के नारे लगाए.
असम के जनजातीय संगठनों की समन्वय समिति (CCTOA) ने एक बयान जारी कर कहा है कि CCTOA कोकराझार के बोडोफा (Bodofa) शहर में BTC सेक्रेटेरिएट पर हो रहे विरोध प्रदर्शनों में शामिल रहा है. प्रदर्शनकारियों ने कोकराझार जिला आयुक्त मसंदा एम. पार्टी के जरिये असम के मुख्यमंत्री, केंद्र सरकार के आदिवासी मामलों के मंत्री और BTC प्रमुख हग्रामा मोहिलरी को एक मेमोरेंडम भेजा, जिसमें छह जातीय समूहों के जनजाति का दर्जा देने के प्रस्ताव को रद्द करने की मांग की गई.
CCTOA ने जिला आयुक्त को आगाह किया है कि सरकार और प्रशासन प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ कोई शिकायत दर्ज नहीं करेंगे. CCTOA ने कहा कि प्रदर्शनकारी तब तक अपना विरोध जारी रखेंगे जब तक BTC सरकार छह जातीय समूहों को जारी NOC वापस नहीं ले लेती है.
हालांकि, जिला आयुक्त के प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने और उन्हें भरोसा दिलाने के बाद कि सरकार को उनकी मांगों के बारे में बता दिया जाएगा, प्रदर्शन रोक दिया गया.
सरकारी रुख और भविष्य की राह
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि रिपोर्ट इन समुदायों की आकांक्षाओं को पूरा करेगी, बिना मौजूदा ST समूहों को नुकसान पहुंचाए।GoM ने ST (plains), ST (hills) और ST (valley) जैसी नई श्रेणियां सुझाई हैं, जो राज्य स्तर पर आरक्षण को प्रभावित करेंगी। केंद्र सरकार प्रस्ताव की जांच कर रही है, लेकिन Registrar General of India की सिफारिशें लंबित हैं।विपक्षी नेता अखिल गोगोई ने देरी पर केंद्र की आलोचना की और अन्य समुदायों को भी ST दर्जा देने की मांग उठाई।