
“जय श्री राम”
यह नारा आज पूरे देश में गूँज रहा है। अयोध्या, जो भारतीय संस्कृति और धर्म का प्रमुख केंद्र है, आज एक बार फिर से दुनिया भर के भक्तों की आँखों का तारा बना हुआ है। 3 जून 2025, यह तारीख अयोध्या के इतिहास में एक नया और स्वर्णिम अध्याय जोड़ने वाली है।
स्वर्ण शिखर की स्थापना
आज अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के ऊपर एक भव्य स्वर्ण-चढ़ाया हुआ शिखर स्थापित किया गया है। यह शिखर न केवल मंदिर की भव्यता को बढ़ाता है, बल्कि भक्तों के आस्था के प्रतीक के रूप में भी दिखाई दे रहा है। दूर से ही यह शिखर सूर्य की किरणों में चमकता हुआ दिखाई देता है, जिससे मंदिर की दिव्यता और भी बढ़ जाती है।
प्राण प्रतिष्ठा समारोह की तैयारी
शिखर की स्थापना के साथ ही, राम मंदिर में रामदरबार की प्राण प्रतिष्ठा समारोह की तैयारियाँ जोरों पर हैं। 3 जून से शुरू होकर यह समारोह 5 जून तक चलेगा। 5 जून को अभिजीत मुहूर्त में मुख्य प्राण प्रतिष्ठा की रस्म होगी, जिसमें भगवान राम की प्रतिमा को मंदिर में विराजित किया जाएगा।
भक्तों के लिए विशेष महत्व
यह दिन भक्तों के लिए अत्यंत विशेष है। अयोध्या में लाखों की संख्या में भक्त इस महा समारोह में शामिल होने के लिए पहुँच रहे हैं। स्वर्ण शिखर की स्थापना को भक्ति और आस्था का प्रतीक माना जा रहा है। यह न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया में हिंदू धर्म की एकता और शक्ति का प्रतीक है।
निष्कर्ष
अयोध्या में श्रीराम मंदिर के स्वर्ण शिखर की स्थापना और प्राण प्रतिष्ठा समारोह एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक घटना है। यह न केवल श्रीराम के भक्तों के लिए गर्व का क्षण है, बल्कि पूरे देश के लिए एकता और शांति का संदेश भी देता है।
जय श्री राम!

