मूडीज (Moody’s) ने अमेरिका की क्रेडिट रेटिंग AAA से घटाकर Aa1 कर दी है, जिससे अमेरिका की सभी प्रमुख रेटिंग एजेंसियों में अब कोई भी AAA रेटिंग नहीं बची है।
इससे पहले फिच (Fitch) ने 2023 और एसएंडपी (S&P) ने 2011 में अमेरिका की AAA रेटिंग घटा दी थी।
इस डाउनग्रेड का मुख्य कारण है अमेरिका का बढ़ता सरकारी कर्ज (अब $36 ट्रिलियन से भी ज्यादा), लगातार बढ़ता बजटीय घाटा और ब्याज भुगतान का बोझ, जो अब अन्य विकसित देशों की तुलना में काफी ज्यादा है।
मूडीज ने अमेरिकी सरकार और कांग्रेस की बार-बार असफलता को जिम्मेदार ठहराया है, जो घाटा कम करने और कर्ज नियंत्रण की ठोस योजना नहीं बना पा रहे।
AAA रेटिंग जाने से अमेरिका को कर्ज लेने में ज्यादा ब्याज देना पड़ सकता है, जिससे सरकार, कंपनियों और आम लोगों पर आर्थिक दबाव बढ़ेगा। साथ ही, इससे वैश्विक वित्तीय बाजारों में भी अस्थिरता आ सकती है।
मूडीज का अनुमान है कि अगर यही रुझान जारी रहा तो 2035 तक अमेरिका का कर्ज जीडीपी के 134% तक पहुंच सकता है।
1917 के बाद पहली बार अमेरिका ने अपनी आखिरी AAA क्रेडिट रेटिंग भी खो दी है। यह अमेरिका की आर्थिक सेहत पर गहरा सवाल है और इससे देश में ब्याज दरें और वित्तीय अस्थिरता बढ़ने का खतरा है।