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अमरनाथ यात्रा 2025: उपराज्यपाल की प्रथम पूजा और रिकॉर्ड 58,000 सुरक्षा बलों की तैनाती

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने हाल ही में अमरनाथ यात्रा के पवित्र शुभारंभ पर एक महत्वपूर्ण संदेश साझा किया। उन्होंने ट्विटर पर लिखा, “हर हर महादेव! बाबा बर्फानी के दर्शन कर और पवित्र गुफा में ‘प्रथम पूजा’ करके वार्षिक श्री अमरनाथ जी यात्रा का औपचारिक शुभारंभ किया। बाबा अमरनाथ जी सब पर अपनी दिव्य कृपा बनाए रखें।” यह संदेश यात्रा के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व को दर्शाता है और सभी श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रतीक है।

इस वर्ष की अमरनाथ यात्रा को लेकर सरकार और सुरक्षा एजेंसियों ने अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की है। हाल ही में हुए पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद सुरक्षा को और सख्त बनाया गया है। केन्द्र सरकार ने अमरनाथ यात्रा के लिए 581 कंपनियों (कंपनी) में लगभग 58,000 सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की है, जिसमें केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF), जम्मू-कश्मीर पुलिस और भारतीय सेना शामिल हैं। इन सुरक्षा बलों में सीआरपीएफ सबसे बड़ी संख्या में मौजूद है, जिसकी 219 कंपनियां यात्रा मार्ग और गुफा के आसपास तैनात हैं। इसके अलावा, बीएसएफ, आईटीबीपी, सीआईएसएफ और एसएसबी की भी बड़ी संख्या में टुकड़ियां तैनात की गई हैं।

इस वर्ष यात्रा की अवधि 38 दिनों (3 जुलाई से 9 अगस्त तक) की है और सुरक्षा व्यवस्था को इतिहास में सबसे मजबूत बताया जा रहा है। यात्रा मार्ग पर रोड ओपनिंग पार्टी (ROP), क्विक एक्शन टीम (QAT), बम निस्पंदन दस्ते (BDS), के9 डॉग स्क्वाड और सर्विलांस ड्रोन की तैनाती की गई है। सिग्नल जैमर और सैटेलाइट फोन भी इस बार पहली बार यात्रा काफिलों के साथ लगाए गए हैं, ताकि किसी भी तरह के रिमोट-नियंत्रित विस्फोटक (आरसी-आईईडी) से बचा जा सके। यात्रा मार्ग के सभी एक्सेस रोड और नेशनल हाईवे पर काफिले की आवाजाही के दौरान अस्थायी तौर पर ट्रैफिक रोक दिया जाता है।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा और निगरानी के लिए रेडियो फ्रीक्वेंसी आईडेंटिफिकेशन (RFID) टैग, डिजिटल आईडी कार्ड और सीसीटीवी कैमरों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। ड्रोन और हेलीकॉप्टर से भी यात्रा मार्ग की लगातार निगरानी की जा रही है। चिकित्सा सुविधाएं, अस्थायी अस्पताल और एम्बुलेंस सेवाएं भी तैनात की गई हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को तुरंत सहायता मिल सके।

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के नेतृत्व में प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि अमरनाथ यात्रा पूरी तरह सुरक्षित, सुचारू और भक्तिपूर्ण वातावरण में संपन्न हो। उनकी इस पहल को सोशल मीडिया पर भी काफी सराहा जा रहा है और लोगों ने सुरक्षा बलों के प्रयासों की सराहना की है। यह यात्रा न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि जम्मू-कश्मीर में शांति, सद्भाव और विकास की नई इबारत भी लिख रही है।

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