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कनाना महायज्ञ में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज के प्रवचनों से गूंजा वातावरण

बालोतरा क्षेत्र के कनाना गांव में आयोजित श्री ललिता सहस्त्रनाम 1008 कुंडीय महायज्ञ एवं मां सरस्वती मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। महोत्सव के दूसरे दिन सोमवार को जूना अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज ने धर्मसभा को संबोधित किया और यज्ञ में आहुतियां अर्पित की। उनके आगमन से श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला और पूरे आयोजन स्थल पर भक्ति का वातावरण और अधिक प्रगाढ़ हो गया।

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अपने प्रवचन में स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज ने वेदों की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि वेद मानव जीवन का मूल आधार हैं और इनमें जीवन को सही दिशा देने वाला संपूर्ण ज्ञान निहित है। उन्होंने तप, संयम और साधना को आत्मिक उन्नति का प्रमुख साधन बताते हुए श्रद्धालुओं को धर्ममय जीवन अपनाने की प्रेरणा दी। साथ ही उन्होंने भगवान और भक्त के संबंध को समझाते हुए कहा कि यह संबंध प्रेम और समर्पण का होता है—जिस प्रकार एक पिता अपने पुत्र को स्वयं से आगे बढ़ते देखना चाहता है, उसी प्रकार भगवान भी अपने भक्त को ऊंचाइयों पर पहुंचता हुआ देखना चाहते हैं। उनके इन विचारों ने श्रद्धालुओं को गहराई से प्रभावित किया और पंडाल जयकारों से गूंज उठा।

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महोत्सव के दूसरे दिन प्रातःकाल से ही यज्ञशाला में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन-अनुष्ठान जारी रहा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर आहुति दी। राजस्थान सहित आसपास के प्रदेशों से भी श्रद्धालु बड़ी संख्या में कनाना पहुंच रहे हैं। संत-महात्माओं के सानिध्य में आयोजित धर्मसभा में समाज, संस्कृति और आध्यात्मिक जीवन पर विचार रखे गए।

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भक्ति संध्या में उमड़े भक्तगण


जिला कलेक्टर सुशील कुमार यादव के अनुसार मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा 24 मार्च को सुबह जयपुर से प्रस्थान कर दोपहर 12 बजे कनाना पहुंचेंगे। यहां वे महायज्ञ एवं मां सरस्वती प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव में भाग लेने के साथ धर्मसभा को भी संबोधित करेंगे। कार्यक्रम के पश्चात वे दोपहर 1 बजे जयपुर के लिए रवाना होंगे।

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यह भव्य धार्मिक आयोजन पिछले 12 महीनों से निरंतर चल रहा है और अपनी विशालता तथा आध्यात्मिक महत्व के कारण प्रदेश ही नहीं, बल्कि देशभर में पहचान बना चुका है। महोत्सव के अंतर्गत 1008 कुंडीय महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें देशभर से संत-महात्मा, धर्माचार्य और हजारों श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं।
तीन दिवसीय इस महोत्सव में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी विशेष श्रृंखला आयोजित की जा रही है। आयोजन को लेकर प्रशासन और समिति की ओर से व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं तथा सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

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