विद्यार्थी परिषद् की मान्यता -”छात्र कल का ही नहीं अपितु आज का भी नागरिक – श्री सुनील अम्बेकर जी जोधपुर के हेमन्त घोष को पुनःप्रदेषाध्यक्ष
वैश्वीकरण, आर्थिक सुधार जैसे बड़े-बडे़ नाम देकर भारतीय जनमानस को गुमराह किया जा रहा है – अरूण ओझा कृषि निवेश और पेटेंट को व्यापार वार्ताओं से बाहर किया जाना चाहिए – डाॅ. अश्विनी महाजन
जीवन शैली को भारतीय संस्कारों में ढाल देना ही स्वदेशी – अरूण ओझा जब भी बाजार जायेगें, माल स्वदेशी लायेंगे’’, ’’स्वदेशी अपनाओ,देश बचाओ’ उद्घोषों के साथ स्वदेशी संदेश यात्रा निकाली हुंकार सभा का आयोजन
स्वदेशी जागरण मंच के कार्यों द्वारा स्वदेश प्रेम की जन चेतना जगी – रविन्द्र कुमार त्यागी स्वदेशी जागरण मंच का 12 वां राष्ट्रीय सम्मेलन प्रारम्भ