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विश्व मंगल गोऊ ग्राम यात्रा उडीसा में

गो हत्या रोकने क लिए आगे आए युवा : संत बालक दास
कटक, नवंबर ९ – गो हत्या अक्षम्य अपराध है, जो गो हत्या करता है वो तो अपराधी है ही साथ ही जो गो हत्या होते देख कर भी तटस्थ रहता है वह भी अपराधी है । गो हत्या को रोकने के लिए यदि शहादत देने की भी आवष्यकता पडे तो उसके लिए भी तैयार रहना चाहिए । ऐतिहासिक कटक शहर के काठजोडी नदी के तट पर आयोजित विश्व मंगल गो ग्राम यात्रा कार्यक्रम में छत्तीसगढ से आए संत बालक दास महाराज ने ये बातें कही ।
उन्होंने कहा कि गो माता किसी में भेद नहीं करती वो यह नहीं देखती की कोई हिन्दू है या मुसल्मान है या फिर कोई और मजहब का है । भेद तो हम हम करते हैं जब तक वह दूध देती है तब तक हम उसको पालते है लेकिन जब वह बूढी हो जाती है चं पैसों के लिए हम उसे कसाई को बेच देतें हैं । उन्होंने प्रश्न किया कि क्या देश में नैतिकता खत्म हो चुकी है ।
उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि महात्मा गांधी के देश में स्वतंत्रता के ६ दशक बीत जाने के बाद भी गो हत्या बंद नहीं हुई है । पूरे देश में ३४ हजार से भी अधिक कल्लखाने है । अगर इस आंदोलन के बाद भि सफलता नहीं मिलती तो संत समाज को चलो कल्लखाने की बओर का नारा देना पडेगा ।
खडगपुर के त्रिदंडी स्वामी भगवानदास ने कहा कि ओडिषा गो हत्या को रोकने के लिए कानून है लेकिन उसका पालन नहीं किया जा रहा है । उन्होंने देशी गायों को खत्म करके उनके स्थान पर जर्सी गायों के प्रचलन का विरोध करते हुए कहा कि अब यह सिद्ध हो चुका है कि देशी गाय का दूध ही सर्वश्रेष्ठ है । देशी गाय के दूध में विभिन्न प्रकार के विटामिन तत्व विद्यमान हिअ जो कि मानव बुद्धि को तीक्ष्ण करने में सक्षम है । उन्होंने नगर वासियों से आग्रह किया कि वे देशी दूध का प्रयोग करें ।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भारतीय मजदूर संघ के राष्ट्रीय संगठन मंत्री कृष्णचंद मिश्रा ने कहा कि आज पूरा विश्व अनेक समस्याओं से जूझ रहा है । इसमें वैष्विक तापमान में वृद्धि जलवायु परिवर्तन विषय शामिल है । इन सभी समस्याओं का समाधान गाय है । आज देश का किसान आत्महत्या करने पर मजबूर हो रहा है । लेकिन गो आधारित जैविक खेती से किसानों के समक्ष आ रही समस्याओं का समाधान किया जा सकता है ।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वरिष्ठ पत्रकार तथा विश्व मंगल गो ग्राम यात्रा समिति, ओडिषा प्रदेश के उपाध्यक्ष अरुण पंडा ने कटक के लोगों को गोहत्या को रोकने के लिए संकल्प दिलाया ।
इससे पहले गो ग्राम यात्रा आज सुबह संबलपुर से निकलकर रढाखोल, अनुगूल, ढेंकानाल से होते हुए कटक पहुंची । सभी स्थानों पर लोगों ने यात्रा का भव्य स्वागत किया । कटक में गो ग्राम यात्रा के स्वागत में युवाओं ने जलती हुई मषालों के साथ नृत्य कर अनोखा स्वागत पेष किया । गो ग्राम यात्रा के लिए आयोजित कार्यक्रम में यात्रा के साथ आए संतो के साथ हजारों की संख्या मे गोभक्तों ने संतों का आशीर्वचन लेते हुए गो संरक्षण हेतु संकल्प लिया ।
संभलपुर (उडीसा), नवंबर ८ – विश्व मंगल गो ग्राम यात्रा आज सुबह राउरकेला से निकल कर सुंदरगढ, झाससुगुडा होते हुए शाम संभलपुर पहुंची । संभलपुर में यात्रा शानदाद स्वागत किया गया । करीब दो घंटे तक यात्रा शहर के बीच पद यात्रा के साथ भ्रमण करते हुए पुराना बस स्टैण्ड पर स्थित कार्यक्रम स्थल पर पहुंची ।
पद यात्रा में भारी संख्या में गो भक्त नृत्य करते हुए ढोल नगाडों के वादन पर उत्साहित होकर चल रहे थे । गो ग्राम यात्रा के स्वागत के लिए आयोजित कार्यक्रम स्थल पर राज्य के अनेक अलग अलग हिस्सों एवं समाज के लोग उपस्थित थे । गो ग्राम यात्रा के साथ रथ के अलावा अनेक साधु संत भी संभलपुर पहुंचे ।
विश्व मंगल गो ग्राम यात्रा के लिए आयोजित कार्यक्रम में जनसभा को संबोधित करते हुए खडगपुर के त्रिदंडी स्वामी भगवानदास ने कहा कि आज भारतीय जनमानस गाय की उपेक्षा कुत्ता पालने में विश्वास रखता है । उन्होंने कहा कि राम कृष्ण की भूमि में किया जा रहा यह घोर अपकृत्य बेहद शर्मनाक है इस देश के वासियों के लिए ।
स्वामी भगवान दास ने कहा कि विश्व मंगल गो ग्राम यात्रा का आयोजन गोमाता, गोवंश संवर्धन, भारतीय नसल की गायों के संरक्षण, जैव आधारित कृषि की पुनः स्थापना एवं पंचगव्य से रोगों के उपचार की मांग के लिए किया गया है ।
छत्तीसगढ से पधारें संत बालकदास ने कहा कि गो ग्राम यात्रा सिर्फ नाम नहीं बल्कि एक स्वतंत्रता संग्राम है । संग्राम शब्द का अर्थ सम्यक ग्राम, सच्चा ग्राम, संस्कारित ग्राम व सुंदर ग्राम का निर्माण है ।
बालकदास ने कहा कि जल, जंगल, जमीन और जानवर सुरक्षित होंते तभी ग्राम संपन्न होगा । उन्होंने कहा कि जब संपूर्ण ग्राम एक परिवार की तरह जीवन जियेगा तब व्यक्ति शोषण से पोषण उपभोगी से उपयोगी और विलासोम से परिश्रमी बनेगा ।
विश्व मंगल गो ग्राम यात्रा के राष्ट्रीय सचिव शंकरलाल ने कार्यक्रम में गो भक्तों को गो ग्राम यात्रा की प्रस्तावना बताते हुए कहा कि यह यात्रा संतों द्वारा धर्म जागरण का अभियान है ।
कार्यक्रम में कटक के संत संतोष चैतन्य महाराज, जीवन चैतन्य महाराज व स्वामी गिरिजानंद के साथ भारी संख्या में गोभक्त उपस्थित थे । कार्यक्रम के अंत में संत संतोष चैतन्य के द्वारा गो भक्तों ने गो संरक्षण का संकल्प लिया ।
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