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राष्ट्रहित के लिए त्यागें स्वहित |
निरंतर कार्य जरूरी
संघ प्रमुख ने कहा कि संघ का गठन भारत का गौरवशाली अतीत फिर लाने और हिंदू समाज के एकत्रीकरण के लिए हुआ है। हिंदुस्तान में लोग समाज के लिए एक दिशा में कैसे सोचें, इसीलिए संघ किसी भी खतरे की चिंता किए बिना निरंतर कार्य करने में जुटा है। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि अभी तो हाल ये है कि अलग-अलग विचारधाराओं के लोग एक ही दिशा में मुंह करके तभी चलते हैं जब कांधे पर काठी (अर्थी) हो।
गणवेश में नजर आए भाजपा नेता
संघ प्रमुख के सार्वजनिक संबोधन में भाजपा के नेता गणवेश में नजर आए। कार्यक्रम में भाजपा के शहर अध्यक्ष रासासिंह रावत, विधायक वासुदेव देवनानी, ओंकारसिंह लखावत, उप महापौर अजीत सिंह, पूर्व विधायक नवलराय बच्चानी, पूर्व महापौर धर्मेंद्र गहलोत सहित अन्य भाजपा नेता गणवेश मेें आए। संबोधन में विधायक अनिता भदेल सहित कई भाजपा पार्षद भी मौजूद थे।
स्वयंसेवकों ने किया योगाभ्यास
कार्यक्रम के प्रारंभ में स्वयंसेवकों ने बीस मिनट तक शारीरिक व्यायाम और योगाभ्यास भी किया।
सेविका समिति ने भी संभाली व्यवस्था
कार्यक्रम में राष्ट्रीय सेविका समिति की पदाधिकारी भी मौजूद थीं। उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर व्यवस्था को संभाला। राष्ट्रीय सेविका समिति महिलाओं को संघ से जोडऩे का काम करती है। इसकी शाखाएं शहर में कई स्थानों पर लगती है।
(संघ प्रमुख भागवत ने यह कहानी शनिवार को आजाद पार्क में सार्वजनिक संबोधन में स्वयंसेवकों और उनके परिवारजनों को सुनाई। उन्होंने देशवासियों की मनोदशा पर बोलते हुए कहा कि वे आतंकी घटनाओं, अलगाववाद, भ्रष्टाचार, जातिवाद, क्षेत्रवाद, सांप्रदायिकता, नक्सलवाद जैसे मुद्दों की चिंता तो करते हैं, लेकिन उपाय करने की बात पर हतोत्साहित हो जाते हैं। भागवत ने समस्याओं के समाधान के लिए सीख दी कि समाज को संघमय होना पड़ेगा।)
भगवानगंज स्थित अविनाश माहेश्वरी स्कूल में संघ प्रमुख ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में शाखाओं का विस्तार करना जरूरी है। उन्होंने शाखाओं में तरुण स्वयंसेवकों की संख्या बढ़ाने पर भी जोर दिया। भागवत ने बैठक में मौजूद चित्तौड़, जयपुर व जोधपुर प्रांत के जिला स्तर के प्रचारकों से उनके क्षेत्र में लगने वाली शाखाओं की जानकारी ली। उन्होंने शाखाओं से सभी वर्ग और समाज को भी जोडऩे का आह्वान किया। करीब तीन घंटे चली बैठक में संघ से जुड़े अन्य विषयों पर भी चर्चा की गई। बैठक समाप्ति के बाद पदाधिकारी अजमेर से रवाना हो गए।
पांच दिन तक चला मंथन
संघ प्रमुख ने पांच दिन तक संघ पदाधिकारियों, पूर्णकालिक कार्यकर्ताओं व प्रबुद्ध नागरिकों की बैठक में जनजागरण अभियान की रणनीति पर भी जोर दिया। उन्होंने अभियान को सफल बनाने व संघ की गतिविधियों को आमजन तक पहुंचाने के भी प्रबुद्ध नागरिकों को दिशा निर्देश दिए। अभियान में राम मंदिर निर्माण, कश्मीर में धारा 370 व संतों पर हो रहे अत्याचारों जैसे मुद्दों की हकीकत लोगों को बताई जाएगी।
अजमेर । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रत्येक स्वयं सेवक को नियमित और तत्पर होकर स्वयं के साथ राष्ट्र को संघमय बनाने के लिए काम करना होगा। देश के मौजूदा हालात में परिवर्तन करना है तो समस्त हिन्दू समाज को संगठित होकर संघमय बनना होगा। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सर संघ चालक मोहनराव भागवत ने शनिवार शाम आजाद पार्क में आयोजित स्वयंसेवक और उनके परिवारजन की सभा को सम्बोधित करते हुए यह बात कही।
अपने पांच दिवसीय अजमेर प्रवास के अंतिम दिन आयोजित सभा में भागवत ने कहा कि विश्व की मौजूदा परिस्थितियों में सम्पूर्ण विश्व भारत की ओर आशा भरी नजर से देख रहा है और भारत की जनता संघ से अपेक्षा कर रही है। हिन्दू समाज संगठित और जागृत हो गया तो कोई समस्या हमारे सामने खड़ी नहीं हो सकती है। आजादी के 63 वर्ष से ज्यादा पूरे होने के बाद भी देश की सीमाएं सुरक्षित नहीं है। एक ओर पाकिस्तान है दूसरी ओर चीन है। बांग्लादेश दोस्त होने की बात करता है लेकिन दोस्त जैसा व्यवहार नहीं करता। दक्षिण में श्रीलंका के जरिए पाकिस्तान और चीन भारत में आतंकवाद और घुसपैठ बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं।
भागवत ने कांग्रेस और केन्द्र सरकार का नाम लिए बगैर देश में व्याप्त अशांति के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि देश में व्याप्त बेरोजगारी और गरीबी के कारण देश में अशांति बढ़ रही है। कश्मीर में अलगाववाद को बढ़ाने वाले संगठनों से सरकार बात करती है, सरकार कश्मीर के चार लाख कश्मीर पंडितों और सिख समाज से बात नहीं करती। कश्मीर भारत का हिस्सा है ऎसी बात करने वाले मुसलमानों से बात नहीं करती।
भागवत ने कहा कि देश के कर्णधार मर्यादा से बाहर जाकर देश को नुकसान पहुंचाने की राजनीति कर रहे हैं। भारत के बहुसंख्यक हिन्दू समाज पर आतंकवाद का आरोप लगा रहे हैं। इतनी हिम्मत को पाकिस्तान ने भी नहीं की थी, लेकिन वोट के स्वार्थी नेताओं ने पाकिस्तान को बहुसंख्यक हिन्दू समाज पर आरोप लगाने का मौका दे दिया।
आरोपों पर पलटवार
उन्होंने कहा कि संघ के लाखों स्वयं सेवक और प्रचारक समाज सेवा, राष्ट्र चिंतन के लिए कार्य करते हैं। संघ पर बगैर सबूत के आतंकवाद का आरोप लगाकर दुष्प्रचार किया जा रहा है। संघ के खिलाफ प्रचार से कोई असर नहीं पड़ा है, पूरा समाज संघ को जानता है और देख रहा है।
भ्रष्टाचार पर वार
उन्होंने कहा कि मनुष्य के आचरण और मन से भ्रष्टाचार समाप्त करना होगा तब ही देश में भ्रष्टाचार समाप्त होगा। इस अवसर पर उन्होंने स्वयं सेवकों को राष्ट्रहित में काम करने, स्वदेशी और समरसता पूर्ण समाज की स्थापना करने और भ्रष्टाचार मुक्त समाज बनाने का संकल्प भी दिलाया।