हिन्दू स्वयंसेवक संघ का विश्व संघ शिक्षा वर्ग सम्पन्न
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हिन्दू स्वयंसेवक संघ का 21 दिवसीय
विश्व संघ शिक्षा वर्ग गत दिनों त्रिनिदाद-टोबेगो में सम्पन्न हो गया।
त्रिनिदाद-टोबेगो के दिवाली नगर में सम्पन्न हुए वर्ग के सार्वजनिक सामारोह
के मुख्य अतिथि स्थानीय सरकार में मंत्री डा. सुरुजरतन रामबचन थे।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता थे रा.स्व.संघ के सरकार्यवाह श्री सुरेशराव
उपाख्य भैयाजी जोशी।
वर्ग के सार्वजनिक समापन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री भैयाजी
जोशी ने कहा कि दुनिया की सभी समस्याओं की जड़ भौतिकवाद और प्राकृतिक
संसाधनों का तेजी के साथ शोषण है। श्री जोशी ने हिन्दू का अर्थ, उसके मूल्य
और सिद्धांतों पर गहराई से प्रकाश डालते हुए कहा कि सम्पूर्ण मानवता एक
पूजा-पद्धति पर नहीं चल सकती, लेकिन सबका लक्ष्य परमात्मा को पाना है।
इसलिए सब अलग-अलग तरीके से पूजा-अर्चना करते हैं।
मुख्य अतिथि डा. सुरुजरतन रामबचन ने कहा कि बहुत ही दुर्भाग्य की बात है
कि हम मानव परिवर्तन और युवाओं के विकास के लिए सिर्फ पश्चिमी मॉडल की ओर
देख रहे हैं। प्रशिक्षणार्थियों द्वारा किए गए शारीरिक कार्यक्रमों से
प्रभावित होकर उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम त्रिनिदाद-टोबेगो के हर
गांव में आयोजित किए जाने चाहिए।
शिविर के सार्वजनिक कार्यक्रम में प्रशिक्षणार्थियों द्वारा विभिन्न
प्रकार के सार्वजनिक कार्यक्रमों- योगासन, नि:युद्ध और घोष वादन का
प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में हिन्दू समाज के गण्यमान्य
नागरिक उपस्थित थे। सभी ने प्रशिक्षणार्थियों द्वारा प्रस्तुत किए गए
कार्यक्रमों की सराहना की। इस अवसर पर राज्य मंत्री श्री मबऊ मोहिनी, नेशनल
काउंसिल ऑफ इंडियन कल्चर के अध्यक्ष श्री देवकीनंदन शर्मा, महात्मा गांधी
इंस्टीट्यूट फॉर कल्चरल कोआपरेशन के निदेशक श्री जगदीश पी. आर्य, स्वामी
अक्षरानंद, हिन्दू स्वयंसेवक संघ, त्रिनिदाद-टोबेगो के संघचालक श्री देओरूप
तीमल विशेष रूप से उपस्थित थे। हिन्दू स्वयंसेवक संघ के अंतरराष्ट्रीय
संयोजक श्री सौमित्र गोखले ने विश्व संघ शिक्षा वर्ग के बारे में जानकारी
दी। धन्यवाद ज्ञापन किया हिन्दू स्वयंसेवक संघ, त्रिनिदाद-टोबेगो के
कार्यवाह श्री लालचन ने।
शिविर में इंग्लैंड, अमरीका केनिया सहित 6 देशों के 58
प्रशिक्षणार्थियों ने भाग लिया। यह पहला विश्व संघ शिक्षा वर्ग है जो भारत
से बाहर सम्पन्न हुआ है। विश्व संघ शिक्षा वर्ग हर 3-4 साल में एक बार
आयोजित होता है। इसमें हिन्दू स्वयंसेवक संघ के ऐसे स्वयंसेवक भाग लेते हैं
जो 7 दिन के तीन संघ शिक्षा वर्ग पूर्ण किए होते हैं। हिन्दू स्वयंसेवक
संघ का यह छठा विश्व संघ शिक्षा वर्ग था।
source: http://panchjanya.com