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पाक विस्थापित – न कही ठोर न ठिकाना

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श्री हिन्दू सिंह सोदा  के संग पाक से आये हिन्दू  अन्यत्र जाते हुए 
जोधपुर १४ सितम्बर . आज शाम पाक विस्थापित हिन्दुओ से मिलने विश्व संवाद
केंद्र की टीम जब उनसे बात चीत करने के उद्धेश्य से मिलने पहुची तो नजारा
कुछ और ही था. वह जहाँ ठहरे थे वहां से कही और जाने को तैयार थे. मालूम
करने पर श्री हिन्दू सिंह सोढा ने बताया की इस स्थान से हम यही से करीब
१-१.५ किलोमीटर आगे इक खुले स्थान पर टेंट लगा कर एक अस्थायी निवास में
इनको स्थान्तरित  कर रहे है.   जिस समय यह लोग यहाँ से जा रहे थे उस से
पहले बारिश शुरू हो चुकी थी. हिन्दू सेवा मंडल के विष्णु जी प्रजापत भी
व्यवस्था का जायजा ले रहे थे .    यद्यपि मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने प्रशासन को इनकी मुलभुत सुविधाओ का ध्यान रखने की हिदायत अपने अभी हाल के ही जोधपुर दौरे में  दी थी। 
विश्व  संवाद केंद्र , जोधपुर 
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 पाक विस्थापितों को सिर छुपाने की जगह नहीं मिली
 जोधपुर
पाकिस्तान से प्रताडि़त होकर आए 336 विस्थापित शुक्रवार शाम को उस वक्त
बेघर हो गए जब बरसात हो रही थी। ये लोग छह दिन से डाली बाई मंदिर के पास
मेघवाल समाज के भवन में बैठे थे, मगर बाबा रामदेव का मेला शुरू होने के
कारण भवन खाली करवा दिया गया। फिलहाल सभी लोग जनसहयोग से खुले मैदान में
टेंट लगा कर रह रहे हैं। गत सोमवार को मुख्यमंत्री ने इन लोगों के रहने का
इंतजाम करने के कलेक्टर को निर्देश दिए थे, परंतु अभी तक कोई व्यवस्था नहीं
हो सकी है।

थार लिंक एक्सप्रेस से रविवार को 171 पाक विस्थापित
जोधपुर आए थे। इन लोगों ने डाली बाई मंदिर के पास डेरा डाला था। तब मेघवाल
समाज ने अपना भवन उन्हें कुछ दिन रहने के लिए दिया था। उस दिन मुख्यमंत्री
अशोक गहलोत भी जोधपुर में थे। सोमवार को सीमांत लोक संगठन के अध्यक्ष
हिंदूसिंह सोढ़ा के साथ ये परिवार मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मिले। तब
मुख्यमंत्री ने कलेक्टर सिद्धार्थ महाजन को निर्देश दिए थे कि इन लोगों के
रहने की तत्काल व्यवस्था की जाए। कलेक्टर ने यह जिम्मा नगर निगम के सीईओ को
सौंप दिया। सीईओ ने कबीर नगर के रैन बसेरे और मगरा पूंजला के नशा मुक्ति
केंद्र का भवन सुझाया। इस बीच पिछले तीन-चार फेरों में पाकिस्तान से आए कुछ
और विस्थापित भी इन लोगों में शामिल हो गए तो इनकी संख्या 336 हो गई।
प्रशासन के सुझाए भवनों में इतने लोगों के रहने की व्यवस्था नहीं है और इस
दौरान दूसरे इंतजाम भी हो नहीं पाए। शुक्रवार को मेघवाल समाज ने भी अपनी
जरूरत बता कर यह भवन खाली करवा दिया तो इन लोगों के पास सिर छुपाने को भी
जगह नहीं बची। अपना सामान लेकर बाहर निकले तो बरसात होने लगी। बरसात में
भीगते हुए ये लोग गांगाणा रोड पर किसी खाली जगह पर पहुंचे, जहां उनके लिए
संगठन की ओर से अस्थाई टेंट लगाए जा रहे हैं। 

स्त्रोत:  bhaskar.com
cleardot

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