बिहार के पूर्व चंपारण जिले के मोतिहारी में पुलिस ने एक मदरसे पर छापेमारी कर खतरनाक हथियार और जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। खुफिया सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई ने एक बड़ी आतंकी साजिश को यूपी के करीब नाकाम कर दिया। मौलवी समेत तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की जा रही है, जबकि पूरे परिसर को सील कर दिया गया है।
पुलिस को बुधवार शाम को गुप्त सूचना मिली कि मोतिहारी के एक प्रमुख मदरसे में संदिग्ध गतिविधियां चल रही हैं। सूचना में हथियारों की मौजूदगी और आतंकी मॉड्यूल की सक्रियता का जिक्र था। तत्काल कार्रवाई में स्थानीय पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने संयुक्त रूप से मदरसे पर दबिश दी। छापेमारी के दौरान एक पिस्टल, कई जिंदा कारतूस और अन्य संदिग्ध सामग्री बरामद की गई। मौके पर डॉग स्क्वॉड और फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया, जो अब हर कोने की बारीकी से जांच कर रही है।
संदिग्धों पर सवालों का दौर
हिरासत में लिए गए मुख्य आरोपी मदरसे के मौलवी हैं, जिनका नाम अभी गोपनीय रखा गया है। उनके साथ दो अन्य युवक भी पकड़े गए, जो मदरसे से जुड़े बताए जा रहे हैं। प्रारंभिक पूछताछ में इन संदिग्धों ने हथियारों के बारे में सफाई दी, लेकिन पुलिस को शक है कि यह एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा है। एसएसपी मोतिहारी ने बताया, “हमें किसी बड़े हमले की आशंका है। पूछताछ जारी है और एनआईए को भी सूचित कर दिया गया है।”
गौरतलब है कि यही मदरसे पहले भी संदेह के घेरे में रहा है। कुछ महीनों पहले इसी जगह से पीएफआई (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) से जुड़े आतंकी याकूब को एनआईए और स्थानीय पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उस गिरफ्तारी के बाद मदरसे पर निगरानी बढ़ाई गई थी, लेकिन अब फिर से हथियार मिलने से सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम, जांच तेज
कार्रवाई के बाद मदरसे के आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। पूरे परिसर को सील कर दिया गया, और आसपास के इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई। फॉरेंसिक टीम डिजिटल सबूतों, जैसे मोबाइल फोन और लैपटॉप की भी जांच कर रही है। डॉग स्क्वॉड ने विस्फोटक या अन्य हथियारों की तलाश की, लेकिन फिलहाल और कोई बरामदगी नहीं हुई।
बिहार पुलिस के डीजीपी ने कहा, “राज्य में खुफिया तंत्र सतर्क है। ऐसी घटनाओं को किसी भी सिरे पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” यह घटना बिहार-यूपी बॉर्डर पर बढ़ती आतंकी गतिविधियों की याद दिलाती है, जहां हाल ही में कई संदिग्ध मॉड्यूल फंसे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि मदरसों को आड़ बनाकर चल रही ये गतिविधियां राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा हैं।
यह मामला अब एनआईए के दायरे में आ सकता है, और आगे की जांच से साजिश का पूरा नेटवर्क उजागर होने की उम्मीद है। बिहार सरकार ने राज्यव्यापी अलर्ट जारी कर दिया है।