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प्रबोधक बना सिमी सदस्य बर्खास्त

बीकानेर । प्रतिबंधित संगठन स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) के एक सदस्य को शिक्षा विभाग में नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है। उसे प्रबोधक पद पर नियुक्ति दी गई थी। प्रारंभिक शिक्षा विभाग में कार्यरत पैराटीचर्स को पिछले वर्ष प्रबोधक के रूप में तृतीय श्रेणी शिक्षक के पदों पर नियुक्तियां दी गई थीं। यह कार्य प्रदेश के सभी जिलों में चला था। इस दौरान कोटा संभाग के बारां जिले में मदरसा पैराटीचर अब्दुल शरीफ का चयन प्रबोधक के पद पर किया गया तथा जिले की ही एक प्राथमिक शाला में उसे नियुक्ति भी दे दी गई और उसने कार्यग्रहण भी कर लिया।
नियुक्ति देने के बाद अभ्यर्थी का पुलिस वेरीफिकेशन करवाया तो उसमें शरीफ के सिमी से जुड़े होने का खुलासा हुआ। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार अवैधानिक गतिविधियों में लिप्त रहने के आरोप में उसके खिलाफ बारां के सीसवाली पुलिस थाने में 30 जनवरी 2001 में मुकदमा दर्ज हुआ था। पुलिस ने जांच के बाद आरोप प्रमाणित मानते हुए अब्दुल शरीफ के खिलाफ अदालत में चालान पेश कर दिया। एसपी की यह गोपनीय वेरीफिकेशन रिपोर्ट 18 नवंबर 2008 को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंची, जिसे देखने के बाद अधिकारियों के हाथ-पैर फूल गए।
बारां एसपी ने अपनी रिपोर्ट में शरीफ के सिमी की गतिविधियों में लिप्त रहने का खुलासा करते हुए उसे सरकारी सेवा के लिए अयोग्य करार दिया था। इस रिपोर्ट के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने शरीफ का वेतन रोक दिया तथा प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय से मार्ग दर्शन मांगा। शिक्षा निदेशक के निर्देश पर शरीफ को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है।
बारां पुलिस अधीक्षक की सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर प्रबोधक को सेवा से बर्खास्त करने के आदेश जिला शिक्षा अधिकारी बारां को दे दिए गए हैं। – गायत्री विजय, अतिरिक्त निदेशक (शैक्षिक)
व्यक्ति सिमी का सदस्य रहा है। उसके खिलाफ धारा 10 अवैधानिक गतिविधि निवारण अधिनियम में मुकदमा दर्ज है। यह व्यक्ति सरकारी सेवा के योग्य नहीं है। हमने यह रिपोर्ट गत वर्ष नवंबर में ही भेज दी थी। – ओमप्रकाश, एसपी, बारां
स्त्रोत : http://www.bhaskar.com/2009/07/10/0907100717_simi_member_in_bikaner.html
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