प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वे ‘कश्मीर फाइल्स’, ‘केरल स्टोरी’ और ‘धुरंधर’ जैसी फिल्मों को झूठ बताते हैं, जो उनका पुराना पेशा है। उन्होंने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) का उदाहरण देते हुए विपक्ष पर झूठ फैलाने का आरोप लगाया। एक सार्वजनिक सभा में पीएम ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “विपक्ष ने धुरंधर, कश्मीर फाइल्स, केरल स्टोरी जैसी फिल्मों को बताया झूठ। उनका यही काम है सच को झूठ बताना। जब हम CAA लाए तो इन्होंने झूठ बोला, आज CAA लागू हुआ, देश को कोई नुकसान नहीं हुआ।”
यह बयान उस समय आया जब केंद्र सरकार ने CAA को पूर्ण रूप से लागू करने की घोषणा की। पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि विपक्ष ने CAA को लेकर देश को गुमराह किया था, लेकिन अब कानून लागू होने के बाद किसी को कोई नुकसान नहीं हुआ। उन्होंने विपक्षी दलों पर सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने का भी आरोप लगाया।
फिल्मों को निशाना बनाने का संदर्भ
पीएम के बयान का केंद्र ‘द कश्मीर फाइल्स’, ‘द केरल स्टोरी’ और हालिया रिलीज ‘धुरंधर’ जैसी फिल्में हैं। ‘द कश्मीर फाइल्स’ (2022) कश्मीरी पंडितों के नरसंहार पर आधारित थी, जिसे विपक्ष ने अतिरंजित और प्रोपेगैंडा बताया। इसी तरह ‘द केरल स्टोरी’ (2023) में केरल से लड़कियों के कथित ‘लव जिहाद’ और आईएसआईएस जॉइनिंग की कहानी को विपक्ष ने झूठा करार दिया। नवीनतम ‘धुरंधर’ फिल्म भी राष्ट्रीय सुरक्षा और आतंकवाद पर केंद्रित है, जिसकी स्क्रिप्ट को लेकर विवाद खड़ा हो गया।
पीएम ने कहा, “विपक्ष ने कहा द केरल स्टोरी यह झूठ है, उन्होंने कहा द कश्मीर फाइल्स यह झूठ है, उन्होंने कहा धुरंधर भी एक झूठ है।” उनका इशारा साफ था कि ये फिल्में वास्तविक घटनाओं पर आधारित हैं, लेकिन विपक्ष इन्हें खारिज कर ‘सच को झूठ’ बनाने का प्रयास करता है। भाजपा समर्थक इसे सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की जीत मान रहे हैं, जबकि विपक्ष ने इसे ‘फिल्मी प्रोपेगैंडा’ करार दिया।
CAA लागू होने के बाद राजनीतिक बहस
CAA को 2019 में लाए जाने के बाद देशव्यापी विरोध हुए थे। विपक्ष ने इसे मुस्लिम-विरोधी बताया, लेकिन पीएम ने गुरुवार को कहा कि कानून अब लागू है और लाखों शरणार्थियों को लाभ मिल रहा है। “देश को कोई नुकसान नहीं हुआ,” उन्होंने जोर देकर कहा। सरकार के आंकड़ों के अनुसार, CAA के तहत अब तक 1.5 लाख से अधिक आवेदन स्वीकृत हो चुके हैं, मुख्य रूप से पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए हिंदू, सिख, जैन आदि अल्पसंख्यकों को।
विपक्षी नेता, खासकर कांग्रेस और तृणमूल, ने पीएम के बयान को ‘भड़काऊ’ बताया। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, “ये फिल्में सच्चाई नहीं, बल्कि सियासी हथियार हैं।” लेकिन भाजपा ने इसे विपक्ष की ‘नकारात्मक राजनीति’ का प्रमाण बताया। यह बयान लोकसभा चुनावों से पहले आया है, जो 2026 में होने हैं, और इससे सियासी तापमान तेज हो गया है।
व्यापक राजनीतिक निहितार्थ
पीएम मोदी का यह प्रहार सांस्कृतिक युद्ध का हिस्सा लगता है, जहां फिल्में और कानून राजनीतिक विमर्श का केंद्र बन रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि CAA की सफल लागू होने से सरकार का आत्मविश्वास बढ़ा है, जबकि विपक्ष को रक्षात्मक रुख अपनाना पड़ रहा है। बिहार, यूपी और केरल जैसे राज्यों में ये मुद्दे चुनावी ध्रुवीकरण पैदा कर सकते हैं।
देश भर में भाजपा कार्यकर्ता इस बयान को सोशल मीडिया पर वायरल कर रहे हैं, जबकि विपक्ष जवाबी रणनीति बना रहा है। आने वाले दिनों में यह बहस और तेज होने की संभावना है।