उत्तर प्रदेश एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (ATS) ने एक सनसनीखेज खुलासा करते हुए पाकिस्तानी हैंडलर के निर्देश पर काम करने वाले एक खतरनाक गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह प्रतिष्ठित संस्थानों, वाहनों और रेलवे सिग्नल बॉक्स में आगजनी करके भारत में दहशत का माहौल पैदा करने की कोशिश कर रहा था। मुख्य आरोपी साकिब उर्फ ‘डेविल’ को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि गिरोह पाकिस्तान और अफगानिस्तान से जुड़े रैडिकल तत्वों के संपर्क में था।
गिरोह का modus operandi: छोटी आगजनी से बड़ा फंड जुटाना
ATS की जांच से पता चला है कि यह गिरोह छोटे-मोटे आगजनी हमलों को अंजाम देकर वीडियो बनाता और उन्हें पाकिस्तानी हैंडलर को भेजता था। इसके बदले QR कोड के जरिए पैसे ऐंठे जाते थे। साकिब ने सोशल मीडिया के माध्यम से विकास गहलोत और लोकेश उर्फ पापला को अपने नेटवर्क से जोड़ा था। गिरोह का मुख्य उद्देश्य भारत में भय का वातावरण बनाना था, ताकि सामाजिक अशांति फैलाई जा सके।
ATS ने बताया कि आरोपी अफगानिस्तान के कई नंबरों से भी जुड़े हुए थे, जो इस बात की ओर इशारा करता है कि यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संचालित साजिश का हिस्सा था। साकिब उर्फ डेविल गिरोह का सरगना था, जो पाकिस्तानी खुफिया तंत्र के इशारों पर काम कर रहा था।
The Uttar Pradesh Anti-Terrorism Squad (ATS) yesterday arrested a gang working under the direction of a Pakistani handler. The gang was spreading terror by setting fire to prestigious institutions, vehicles, and railway signal boxes.
— ANI (@ANI) April 4, 2026
The main gang member, Saqib alias Devil, has… pic.twitter.com/Lq8xYGcDO8
बरामद सामग्री: आगजनी का पूरा किट और सबूत
गिरफ्तारी के दौरान ATS ने आरोपियों के पास से भड़काऊ पदार्थ, 7 मोबाइल फोन, 24 भड़काऊ पर्चे और आधार कार्ड बरामद किए। ये सामग्री गिरोह की साजिश को उजागर करती हैं। मोबाइल फोनों से पाकिस्तानी हैंडलरों के साथ चैट और वीडियो रिकॉर्डिंग मिले, जबकि पर्चों में भारत विरोधी प्रचार भरा हुआ था।
ATS के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “यह गिरोह रेलवे सिग्नल बॉक्स को निशाना बनाकर ट्रेन सेवाओं को बाधित करने की योजना बना रहा था। प्रतिष्ठित संस्थानों पर हमले से जनता में भय पैदा करना उनका लक्ष्य था।”
पाकिस्तान का हाथ: भारत में अस्थिरता की साजिश
यह घटना भारत-पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण संबंधों के बीच आई है। पाकिस्तानी हैंडलर लगातार ऐसे गिरोहों को फंडिंग देकर भारत में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। ATS ने खुलासा किया कि साकिब का नेटवर्क सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय था, जहां से नए सदस्य भर्ती किए जाते थे। विकास गहलोत और लोकेश जैसे सदस्यों को ट्रेनिंग देकर आगजनी के लिए इस्तेमाल किया जाता था।
पिछले कुछ महीनों में यूपी में कई ऐसी घटनाएं हुईं, जिनमें आगजनी की आशंका जताई जा रही थी। ATS की इस कार्रवाई से एक बड़ा खतरा टल गया है।
आगे की जांच और सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता
ATS अब पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने में जुटी है। पूछताछ में और कई राज खुलने की संभावना है। केंद्रीय एजेंसियां भी इस मामले की निगरानी कर रही हैं। यूपी पुलिस ने राज्य भर में अलर्ट जारी कर दिया है।
यह कार्रवाई भारत की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था की मजबूती को दर्शाती है। सरकार ने ऐसे तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का वादा किया है।