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आदर्श विद्यामंदिर एक स्वर्णिम यात्रा …………………………

आदर्श विद्यामंदिर एक स्वर्णिम यात्रा …………………………

जोधपुर। आदर्श विद्यामन्दिरों को प्रारम्भ हुए पचास वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष में  स्वर्ण जयन्ती के रूप में मना रहे हैं। स्वर्णिम सुअवसर है कि प्रबन्ध समिति में शिक्षा व संस्कारों की सुरभि को सूर्य नगरी में प्रसारित करने के लिए आदर्श विद्यामन्दिर रूपी नव पुष्प की कलि ने सन् 1964 को प्रथम बार धार्मिक नगरी की पावन धरा पर संस्थापक ,प्रधानाचार्य मा.दीनानाथ जी मिश्र के सानिध्य में अंगड़ाई ली।

समय की प्रवाहमान धारा में यही पौधा, समर्पित निष्काम व श्रद्वाभाव से जुटे हुए श्रेष्ठ मनस्वी तपस्वी श्री सत्यपाल जी हर्ष ने कुशल नेतृत्व कर स्नेह रूपी भावों से सींच सींचकर विद्यामन्दिरों को विशाल वट वृक्ष का स्वरूप प्रदान कर इसे शस्य श्यामल बनाया। इतना ही नहीं इन्होंने महानगर में विद्यामन्दिरों की संख्या वर्षानुवर्ष चन्द्र कलाओं की भांति अभिवर्धित करते हुए पूर्णिमा के चन्द्र सदृश पूर्ण रूप की ओर अग्रसर कर अंधेरे में ज्ञान की धवल चांदनी का उत्कृष्ट उजाला किया।

 हिन्दी माध्यम के श्रेष्ठतम 20 विद्यामन्दिर वर्तमान में अपनी ज्ञान रश्मियों से सहस्त्रों जिज्ञासु भैया/बहिनों की ज्ञान पिपासा को तृप्त कर उनके ह्रदय अंधकार को हटाकर आलोक प्रकटा रहे हैं।

 सरस्वती के देवालायों में सर्वत्र प्रगति का कारण यह है कि विद्यालयों में भारतीय संस्कृति के अनुरूप जीवन मूल्यों की शिक्षा को विशेष महत्व दिया जाता है। विद्या भारती की योजना के अनुरूप भारतीय संस्कारों से युक्त मूल्याधारित शिक्षा द्वारा बालक का सर्वांगीण विकास करना अपने आदर्श विद्यामन्दिरों का परम ध्येय हैं। संस्कारक्षम कार्यक्रमों के माध्यम से आ.वि.म. ने समाज में जो अभूतपूर्व वातावरण का निर्माण किया है उससें सज्जनों की श्रद्वा व आत्मीयता का भाव अपने विद्यामन्दिरों के प्रति प्रगाढ़ हुआ हैं।

अभिभावकों व समाज के प्रबुद्वजनों को विद्यामन्दिर के ये आयाम जिसमें प्रातः कालीन सुमधुर कर्ण प्रिय देशभक्ति के गीतों से ओत-प्रोत वन्दना, भोजन से पूर्व कतारबद्व बैठकर समवेत स्वर से  बोला जाने  वाला भोजनमंत्र  प्रभावी तंत्र ,विद्यालय के वार्षिकोत्सव जिसमें राष्ट्रीयता ओतप्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम,हैरत अंगेज करने वाले शारीरिक कार्यक्रमों का अनूठा प्रदर्शन,अखिल भारतीय स्तर तक की शारीरिक   बौद्विक  प्रतियोगिताएँ, विज्ञान  मैला, संस्कृति  ज्ञान प्रश्न मंच, शिक्षा में उन्नयनार्थ मातृ-पितृ .सम्मेलन सघन अभिभावक सम्पर्क, सामाजिक समरता का भाव जागृत करने के लिए संस्कार केन्द्र, रक्षा बंधन का पर्व, हमारी संस्कृति ज्ञान परीक्षा जिसमें भावात्मक दृष्टि से धर्म, संस्कृति, नीति एवं राष्ट्रीयता की शिक्षा के द्वारा इन विद्यामन्दिरों  ने प्रभावित कर अनवरत गत पांच दशकों से समाज में गौरव व आत्मविश्वास का भाव जागृत किया हैं।

कम्प्यूूटर शिक्षा जिसमें नवीनतम तकनीक से सुसज्जित लैब का शुभारम्भ हुआ है। इसी प्रकार सभी विद्यामन्दिर में स्मार्ट कक्षाऐं की क्पेजंस म्कनबंजपवद भी प्रारम्भ हुई है। पर्याप्त भवन व खेल मैदान सभी परिसरों में उपलब्ध है।
हमारे विद्यालय के विद्यार्थियों ने समय-समय पर माध्यमिक शिक्षा बोर्ड में मेरिट प्राप्त कर समिति का गौरव  बढ़ाया। हमारे विशिष्ठ पूर्व छात्र जिसमे भी श्री अनुपम अग्रवाल, श्री सोरभ तौलम्बिया, श्री मुक्तानन्द अग्रवाल  श्री पंकज आसिया व श्री अमनसिंह राठौड़ आई.ए.एस ; प्ण्।ण्ै द्ध बने हैं। डाॅक्टर व इंजीनियर की बड़ी श्रृंखला तैयार हुई प्रसिद्व उद्योगपति व समाज सेवा में अग्रणी ऐसे पूर्व छात्र हमारे चमकते सितारे है।

हमारे संस्थान के जीवन के 50 वर्षों का विशेष महत्व है, इसी को दृष्टिगत रखते हुए  दो-दिवसीय विशाल, भव्य एवं ऐतिहासिक स्वर्ण जयन्ती महोत्सव ( 10 जनवरी व 11 जनवरी) का कार्यक्रम करने का निश्चय किया हैं। जो इस प्रकार हैं।

स्वर्ण जयन्ती समारोह एवं मुख्य कार्यक्रम


10-01-2015 शनिवार  को प्रातः ९ से ११ बजे संगीतमय सुन्दरकाण्ड– प्रस्तुति-इन्द्रजीत छँगाणी मण्डली द्वारा एवं 2000 साधकों द्वारा सामुहिक सुन्दरकाण्ड का पाठ पू.संत श्री हरिराम जी शास्त्री (बडा रामद्वारा) के सानिध्य में आयोजित किया जाएगा।

10-01-2015 शनिवार  को दोपहर ३ से ५. ३० भव्य शारीरिक प्रदर्षन एवं शारीरिक प्रतिभा सम्मान -3000 भैया,बहिनों द्वारा विविध कार्यक्रमों का भव्य प्रदर्षन किया जाएगा जिनमें योगासन, नियुद्ध, सूर्यनमस्कार, व्यायामयोग, योगचाप, सामुहिक समता,घोष, पताकायोग, एवं राष्ट्रीय स्तर के खिलाडियों द्वारा शानदार जिमनास्टिक प्रदर्षन और सामुहिक गीत का गायन किया जायेगा। खेल जगत के खिलाडियों का सम्मान किया जायेगा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता  श्री गजेन्द्रसिंह जी शेखावत ,(सांसद) विशिष्ट अतिथि -श्रीमती सूर्यकान्ता व्यास,(विधायक सूूरसागर) श्री विनोद सिंह राजपुरोहित (समाजसेवी) रहेंगे तथा मार्गदर्शन -श्री शिवप्रसाद (संगठन मंत्री राजस्थान क्षेत्र)द्वारा होगा।

११-०१-२०१५ रविवार प्रातः ९ से सायं ४ बजे पूर्व छात्र एवं पूर्व आचार्य सम्मेलन -इस संस्थान को जिन्होंने अपनी मेहनत से इस ऊँचाई तक पहुचाने में अपना अपूर्व योगदान किया उनका सम्मान किया जायेगा। पूर्व छात्र हमारी थाती है,इन्होेंने ही विद्यामन्दिर का समाज में गौरव बढ़ाया इनका सम्मान कर हम गौरान्वित महसूस करेंगे। 1964 के प्रथम सत्र के सभी विद्याथियों का सम्मान किया जायेगा। प्रातः 9 बजे से 4 बजे तक विविध कार्यक्रमों द्वारा पूर्व छात्र अपने विद्यार्थी जीवन की यादों को ताजा करेंगे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री नारायण पंचारिया (सांसद ) मुख्य अतिथि- श्री गुलाबचन्द कटारिया (गृहमंत्री राज.सरकार) विषिष्ट अतिथि-श्री कैलाश  भंसाली (विधायक शहर) श्री श्रीपाल जी लोढ़ा (समाजसेवी,उद्योगपति) करेंगे।

भव्य रंगमंचीय कार्यक्रम एवं शैक्षिक प्रतिभा सम्मान -राष्ट्रभक्ति आधारित 300 भैया,बहिनों द्वारा विविध रंगमंचीय कार्यक्रम प्रस्तुत किये जायेंगे। जिनमें देषभक्ति एकांकी, तेरहताली नृत्य, लोक नृत्य, राष्ट्रभक्ति के झांकी गीत, बारहमासी गीत एवं बाबा रामदेव जी के लोक भंजन आधारित नृत्य प्रमुख रूप से है। शैक्षिक प्रतिभाओं का इस अवसर पर सम्मान किया जायेगा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता – श्री घनश्याम ओझा (महापौर) मुख्य अतिथि- श्री गुलाबचन्द कटारिया (गृहमंत्री राज.सरकार) विषिष्ट अतिथि -राजमल पारख (समाजसेवी) मार्गदर्शन-श्री प्रकाश चन्द्र (अ.भा.संगठन मंत्री विद्याभारती)   करेंगे             

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