राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का शताब्दी वर्ष: 2025
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में वर्ष 2025 को शताब्दी वर्ष के रूप में मना रहा है। इस अवसर पर संघ ने समाज के हर वर्ग तक पहुंचने और राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता एवं सांस्कृतिक जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए व्यापक योजनाएं बनाई हैं। हाल ही में 21-23 मार्च 2025 को बेंगलुरु में आयोजित अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक में इन योजनाओं पर चर्चा की गई।
प्रमुख योजनाएं और अभियान
1. “हर गांव, हर बस्ती, हर घर” संपर्क अभियान
संघ ने शताब्दी वर्ष के दौरान नवंबर 2025 से जनवरी 2026 तक देशव्यापी घर-घर संपर्क अभियान चलाने का निर्णय लिया है।
इसका उद्देश्य:
✔ संघ के विचारों और कार्यों को समाज के हर कोने तक पहुंचाना।
✔ लोगों को संगठित करना और सामाजिक परिवर्तन के लिए प्रेरित करना।
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2. पंच परिवर्तन (पांच प्रमुख क्षेत्रों में बदलाव)
शताब्दी वर्ष में संघ ने पांच महत्वपूर्ण क्षेत्रों में बदलाव लाने का संकल्प लिया है:
(i) सामाजिक समरसता
✔ जातिगत और सामाजिक भेदभाव को समाप्त कर समानता को बढ़ावा देना।
(ii) कुटुंब प्रबोधन
✔ परिवारों को मूल्य-आधारित जीवन शैली और भारतीय संस्कृति से जोड़ना।
(iii) पर्यावरण संरक्षण
✔ पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और स्थायी जीवन शैली को प्रोत्साहित करना।
(iv) स्व-आधारित जीवन शैली
✔ आत्मनिर्भरता और स्वदेशी के सिद्धांतों को अपनाने पर जोर देना।
(v) नागरिक कर्तव्य
✔ लोगों में संवैधानिक कर्तव्यों और राष्ट्रीय भावना को जागृत करना।
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3. संगठनात्मक विस्तार
संघ ने अपनी शाखाओं और स्वयंसेवकों की संख्या बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। वर्तमान में:
✅ स्थान: 51,710
✅ शाखाएं: 83,129
✅ मिलन: 32,147
✅ मंडली: 12,091
शताब्दी वर्ष के दौरान इनकी संख्या में और वृद्धि की जाएगी।
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4. 100 वर्षों की यात्रा का उत्सव
संघ की 1925 से अब तक की यात्रा को प्रदर्शित करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
✔ स्वतंत्रता संग्राम में संघ की भूमिका
✔ आपदा प्रबंधन एवं सामाजिक सेवा कार्यों को उजागर करना
✔ संघ के ऐतिहासिक कार्यों पर विशेष प्रस्ताव पारित करना
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5. सामाजिक एवं राष्ट्रीय मुद्दों पर जागरूकता
✔ बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार जैसे विषयों को अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचाने की योजना।
✔ धर्म आधारित आरक्षण का विरोध और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा पर जोर।
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6. सांस्कृतिक और शैक्षिक कार्यक्रम
✔ युवाओं को भारतीय संस्कृति, इतिहास और मूल्यों से जोड़ने के लिए सेमिनार, कार्यशालाएं और सांस्कृतिक आयोजन होंगे।
✔ संघ के संस्थापक डॉ. हेडगेवार और गुरु गोलवलकर के विचारों को प्रचारित किया जाएगा।
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संघ के शताब्दी वर्ष का संदेश
सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि शताब्दी वर्ष केवल उत्सव नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का अवसर है। संघ की यह योजनाएं “राष्ट्र के लिए संगठन” के मंत्र को साकार करने में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होंगी।
2025 के अंत तक, संघ अपने 100वें वर्ष के शिखर पर पहुंचेगा, और इन सभी प्रयासों का प्रभाव संपूर्ण समाज में परिलक्षित होगा।