असम विधानसभा चुनाव के दौरान बोंगाईगांव जिले के बिजॉयगांव मतदान केंद्र (बूथ नंबर 1, 59 नंबर बिजॉयगांव जेबी स्कूल) पर एक चौंकाने वाली घटना ने राजनीतिक विवाद को हवा दे दी है। एक मतदान अधिकारी ने कथित तौर पर नमाज अदा करने के लिए वोटिंग प्रक्रिया को लगभग 15 मिनट के लिए रोक दिया, जबकि सैकड़ों मतदाता लंबी कतारों में खड़े होकर इंतजार करते रहे। यह घटना 9 अप्रैल 2026 को मतदान के दौरान घटी, जब वोटिंग शांतिपूर्ण तरीके से चल रही थी, और अब इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है, जिससे स्थानीय स्तर पर भारी आक्रोश फैल गया है।
वीडियो फुटेज में दिखाया गया है कि अधिकारी मतदान कक्ष के अंदर ही नमाज पढ़ रहे थे, जबकि बाहर खड़े मतदाताओं को इंतजार करने को कहा गया। आंशिक रूप से खुले दरवाजे से रिकॉर्ड किया गया यह वीडियो स्थानीय मीडिया तक पहुंचा और लोगों ने इसे चुनाव आयोग के मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट का स्पष्ट उल्लंघन बताया। स्कूल परिसर में वैष्णव पूजा स्थल नमघर होने के कारण इस घटना को और आपत्तिजनक माना जा रहा है, क्योंकि सरकारी मतदान केंद्रों पर किसी भी धार्मिक गतिविधि की मनाही है। मतदाताओं ने इसे धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांतों का अपमान करार दिया, खासकर जब चुनाव प्रक्रिया को केवल व्यक्तिगत प्रार्थना के लिए रोका गया।
चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार, मतदान निश्चित समय तक निर्बाध रूप से चलना चाहिए और इसे केवल दंगे, प्राकृतिक आपदा या बूथ कैप्चरिंग जैसी असाधारण परिस्थितियों में ही रोका जा सकता है। व्यक्तिगत धार्मिक प्रार्थनाओं के लिए रुकावट की कोई अनुमति नहीं है, और यह प्रतिनिधित्व ऑफ द पीपल एक्ट 1951 की धारा 134 के तहत दंडनीय अपराध है। स्थानीय निवासियों ने इसे गंभीर कदम बताते हुए चुनाव आयोग से तत्काल कार्रवाई की मांग की है, जिसमें अधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच और कड़ी सजा शामिल है। असम में पहले भी विधानसभा में जुमे की नमाज के ब्रेक को समाप्त करने जैसे फैसलों से धार्मिक तटस्थता पर बहस छिड़ी रही है, और यह घटना उसी संदर्भ को मजबूत करती है।
यह विवाद असम की मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा सरकार के लिए भी राजनीतिक मुद्दा बन गया है, जो पहले से ही अवैध घुसपैठ और धार्मिक संतुलन पर सख्त रुख अपनाए हुए है। विपक्षी दलों ने इसे संभालने में प्रशासन की नाकामी बताया, जबकि भाजपा समर्थक इसे चुनावी प्रक्रिया में पक्षपात का प्रमाण मान रहे हैं। बोंगाईगांव विधानसभा क्षेत्र में मतदान शांतिपूर्ण रहा, लेकिन इस एक घटना ने पूरे राज्य के चुनावी माहौल को प्रभावित कर दिया। आने वाले दिनों में चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया से स्थिति स्पष्ट होगी, जो न केवल इस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करेगी, बल्कि भविष्य के मतदान केंद्रों पर सख्ती बढ़ाएगी।
#SHOCKING | A polling officer reportedly halted voting for about 15 minutes to offer namaz while hundreds of voters stood waiting in queue during the Assam polls.
— Organiser Weekly (@eOrganiser) April 10, 2026
📍Bijoygaon polling centre (Booth 1, 59 No. Bijoygaon J.B. School, Bongaigaon) pic.twitter.com/J2kJ9BDc9B